वर्ष 1998 में हत्या के मामले में अपील खारिज होने के बाद भी आत्मसमर्पण नहीं करने वाला दोषी गिरफ्तार

वर्ष 1998 में हत्या के मामले में अपील खारिज होने के बाद भी आत्मसमर्पण नहीं करने वाला दोषी गिरफ्तार

वर्ष 1998 में हत्या के मामले में अपील खारिज होने के बाद भी आत्मसमर्पण नहीं करने वाला दोषी गिरफ्तार
Modified Date: April 30, 2026 / 09:25 pm IST
Published Date: April 30, 2026 9:25 pm IST

नयी दिल्ली, 30 अप्रैल (भाषा) दिल्ली पुलिस ने हत्या के 28 वर्ष पुराने एक मामले में फरार दोषी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि दोषी की पहचान मोहम्मद नवाब (52) के रूप में हुई है, जो रणजीत नगर का निवासी है।

पुलिस के मुताबिक, नवाब को एक रिक्शा चालक की 1998 ‍में हत्या करने के जुर्म में दोषी ठहराते हुए अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हत्या का यह मामला दरियागंज थाने में दर्ज किया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि नवाब ने सजा के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की थी जिसके लंबित रहने के दौरान वह 2004 में जमानत पर बाहर आ गया था। उच्च न्यायालय ने 2025 में उसकी सजा को बरकरार रखा, जिसके बाद उसने आत्मसमर्पण नहीं किया।

यह घटना 29-30 नवंबर 1998 की दरमियानी की रात को दिल्ली गेट के पास घटी, जब नवाब ने रिक्शा चालक ज्ञानी पर हमला कर दिया, क्योंकि उसने उसे ले जाने से इनकार कर दिया था। इस घटना में रिक्शा चालक की मौत हो गई थी।

पुलिस ने बताया कि लगातार तकनीकी निगरानी के आधार पर नवाब के पुराने दिल्ली के कसबपुरा इलाके में होने की सूचना मिली। अंततः रणजीत नगर में उसका पता चला और परिवार से मिलने जाते समय उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसे फिलहाल तिहाड़ जेल में रखा गया है।

नवाब अपील खारिज होने के बाद से पुरानी दिल्ली में छिपकर रह रहा था और किराए की दुकान में मांस का व्यापार कर रहा था।

भाषा नोमान नोमान पवनेश

नोमान


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