परिषद चुनाव तय करेंगे कि 2028 के विस चुनाव के बाद तिप्रासा मुख्यमंत्री होगा या नहीं: प्रद्योत
परिषद चुनाव तय करेंगे कि 2028 के विस चुनाव के बाद तिप्रासा मुख्यमंत्री होगा या नहीं: प्रद्योत
अगरतला, 11 मार्च (भाषा) टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) के सुप्रीमो प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा ने बुधवार को कहा कि त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) के आगामी चुनावों के परिणाम से यह तय होगा कि 2028 के विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में तिप्रासा (आदिवासी) मुख्यमंत्री होगा या नहीं।
टीटीएएडीसी चुनाव कार्यक्रम की घोषणा अब तक नहीं की गई है, लेकिन जनजातीय परिषद का वर्तमान कार्यकाल 20 अप्रैल को समाप्त होने वाला है।
देबबर्मा ने गोमती जिले के किल्ला में पार्टी की एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय परिषद में आगामी चुनाव आदिवासी लोगों के अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, “परिषद चुनाव के परिणाम से तय होगा कि 2028 के विधानसभा चुनावों के बाद त्रिपुरा में कोई तिप्रसा (आदिवासी) मुख्यमंत्री होगा या नहीं। परिषद का चुनावी मुकाबला बुबागरा (किंग) और मुख्यमंत्री माणिक साहा से होगा। परिषद के चुनावों में आप किसे विजेता देखना चाहते हैं, यह आपकी पसंद है।”
बुबागरा जनजातीय लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
देबबर्मा ने कहा, “आज मैं आपके अधिकारों, आपके बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रहा हूं। अगर हम परिषद चुनाव में हार जाते हैं, तो आपके बच्चों का भविष्य बर्बाद हो जाएगा। यह महज एक राजनीतिक लड़ाई नहीं बल्कि नगर पंचायत बनाकर आदिवासी परिषद के क्षेत्र पर अतिक्रमण करने की एक साजिश है।”
देबबर्मा ने भाजपा के नारे ‘सबका साथ सबका विकास’ पर कटाक्ष करते हुए आरोप लगाया कि विकास के लिए धन जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच पाया क्योंकि ग्राम समितियों के चुनाव कई वर्षों से नहीं हुए हैं।
उन्होंने कहा, “ग्राम समितियों को धन से वंचित रखना भाजपा के ‘सबका साथ सबका विकास’ नारे के बिल्कुल विपरीत है। लोग मुख्यमंत्री के विकासोन्मुखी भाषण पर विश्वास नहीं करते।”
देबबर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा परिषद के चुनाव जीतने के लिए गरीब आदिवासी लोगों को लुभाने के लिए धन खर्च करेगी।
उन्होंने कहा, “आदिवासी परिषद पर कब्जा करने की घोषणा कर चुकी भाजपा चुनाव जीतने के लिए बहुत पैसा खर्च करेगी। लेकिन मैं आप सभी से अपील करता हूं कि भाजपा से पैसा लें और चुनाव के दिन उस पार्टी को वोट दें जो तिप्रसा जनजाति के लोगों के लिए आवाज उठा रही है।”
भाषा जितेंद्र पवनेश
पवनेश

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