त्रिपुरा जनजातीय परिषद चुनाव की मतगणना शुक्रवार को होगी

त्रिपुरा जनजातीय परिषद चुनाव की मतगणना शुक्रवार को होगी

त्रिपुरा जनजातीय परिषद चुनाव की मतगणना शुक्रवार को होगी
Modified Date: April 16, 2026 / 08:43 pm IST
Published Date: April 16, 2026 8:43 pm IST

अगरतला, 16 अप्रैल (भाषा) त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) चुनाव की मतगणना कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुक्रवार को आठ जिलों में होगी। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी।

इस चुनाव में, प्रद्योत देबबर्मा के नेतृत्व वाली टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) को परिषद में वापसी की उम्मीद है। त्रिपुरा का लगभग 70 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र संबंधित परिषद के अंतर्गत आता है, और राज्य के लगभग 40 लाख लोगों में लगभग 14 लाख लोग इस क्षेत्र में रहते हैं।

टीएमपी की सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने यह चुनाव अपने दम पर लड़ा, और वह इसमें सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रही है, जबकि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा 2021 में चुनाव में हारने के बाद परिषद पर फिर से अपना नियंत्रण होने की उम्मीद में है।

तीस सदस्यीय जनजातीय परिषद की 28 सीट के लिए 12 अप्रैल को चुनाव हुआ था और 83.50 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। यह मत प्रतिशत 2021 के चुनाव के 81 प्रतिशत मतदान से अधिक है। इसमें दो सदस्य राज्यपाल द्वारा मनोनीत किए जाते हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव अनुराग सेन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमने राज्य भर में 17 स्थानों पर सुचारू मतगणना सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। सभी निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।’’

उन्होंने कहा कि मतगणना सुबह आठ बजे शुरू होगी और इसके दोपहर तक पूरा होने की उम्मीद है।

सेन ने कहा, ‘‘कानून- व्यवस्था बनाए रखने के लिए मतगणना केंद्रों और उनके आसपास बीएनएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लगा दी गई है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।’’

मतगणना में भाजपा, टीएमपी, माकपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों समेत कुल 173 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।

वर्ष 2021 के टीटीएएडीसी चुनाव में, टीएमपी ने 46.70 प्रतिशत मतों के साथ 18 सीट जीतकर बहुमत हासिल किया था। भाजपा ने 29.30 फीसदी वोट के साथ नौ सीट जीती थीं।

वाम मोर्चा 2021 में एक भी सीट जीतने में विफल रहा, जो राज्य के आदिवासी क्षेत्रों के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव है।

भाषा

राजकुमार नेत्रपाल

नेत्रपाल


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