देश को वैश्विक स्तर पर बदनाम करने नहीं दिया जा सकता: विल्सन का ओसीआई कार्ड रद्द करने पर बोली अदालत

देश को वैश्विक स्तर पर बदनाम करने नहीं दिया जा सकता: विल्सन का ओसीआई कार्ड रद्द करने पर बोली अदालत

देश को वैश्विक स्तर पर बदनाम करने नहीं दिया जा सकता: विल्सन का ओसीआई कार्ड रद्द करने पर बोली अदालत
Modified Date: February 16, 2026 / 09:57 pm IST
Published Date: February 16, 2026 9:57 pm IST

नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

इसी के साथ उच्च न्यायालय ने ब्रिटेन में रहने वाली भारतीय मूल की पत्रकार अमृत विल्सन की उस याचिका पर सुनवाई के लिए 27 अगस्त की तारीख तय की, जिसमें उन्होंने अपना ओसीआई कार्ड रद्द करने के फैसले को चुनौती दी है।

‘ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया’ (ओसीआई) कार्ड भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को दिया जाने वाला एक बहु-प्रवेश, आजीवन वीजा है, जो भारत में असीमित यात्रा और प्रवास की सुविधा देता है।

केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने विल्सन के ओसीआई कार्ड को रद्द किए जाने के समर्थन में न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव के समक्ष सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट सौंपी। उन्होंने कहा कि खुफिया एजेंसियों से ऐसी जानकारी मिली थी, जो देश की संप्रभुता को प्रभावित करती है।

अदालत ने रिपोर्ट पर गौर किया और कहा कि याचिकाकर्ता पर भारत-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं।

न्यायमूर्ति कौरव ने कहा, “हमें इतना सहिष्णु देश नहीं होना चाहिए कि हम अपने ही देश की अंतरराष्ट्रीय मंच पर आलोचना और बदनामी करने की अनुमति दें। आपके खिलाफ आईबी की कुछ रिपोर्ट हैं। सिर्फ दो ट्वीट का मामला नहीं है। आपके भारत-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप भी हैं।”

विल्सन की ओर से पेश वकील ने याचिकाकर्ता के भारत-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के केंद्र के दावे का विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि विल्सन को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस में कोई विवरण शामिल नहीं था।

अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 27 अगस्त की तारीख तय की और पक्षों से अपने लिखित जवाब दाखिल करने को कहा।

केंद्र सरकार ने “भारत सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार” में शामिल होने के आरोप में विल्सन का ओसीआई कार्ड मार्च 2023 में रद्द कर दिया था।

भाषा पारुल दिलीप

दिलीप


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