आर्डी समूह के पारिवारिक विवाद को सुलझाने के लिए हुए समझौते पर अमल किया जाए: न्यायालय
आर्डी समूह के पारिवारिक विवाद को सुलझाने के लिए हुए समझौते पर अमल किया जाए: न्यायालय
नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने दिवंगत रियल एस्टेट कारोबारी अशोक वर्मा के परिवार से जुड़े विवाद को सुलझाने के लिए हुए समझौते को निष्पादित करने का निर्देश दिया है। इस समझौते का संबंध आर्डी समूह और उससे संबंधित पारिवारिक संपत्तियों से है।
न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने मामले के निस्तारण के लिए उसके द्वारा नियुक्त मध्यस्थ की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट पर संज्ञान लिया और पक्षकारों को इसे लागू करने का आदेश दिया।
आर्डी समूह से जुड़ा संपत्ति विवाद दिवंगत अशोक वर्मा की बेटियों -शेफाली वर्मा और शिवानी वर्मा कपूर- के बीच परिवार की अचल संपत्ति और व्यावसायिक हितों पर नियंत्रण को लेकर है।
पीठ ने पक्षकारों को सौहार्द्रपूर्ण समझौता कराने में सहायता करने के लिए शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ को मध्यस्थ के रूप में नियुक्त किया था।
पीठ ने कहा था, ‘‘मामले की गंभीरता पर विचार करने के बाद, हम प्रस्ताव करते हैं कि पक्षकारों को मध्यस्थता का सहारा लेना चाहिए। पक्षकारों का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ वकीलों ने भी मध्यस्थता का सहारा लेने पर सहमति जताई है।’’
न्यायालय ने कहा था, ‘‘दोनों पक्षों के वरिष्ठ वकीलों की सहमति से, हम इस न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश कुरियन जोसेफ से अनुरोध करते हैं कि वह यथासंभव सौहार्द्रपूर्ण समाधान में मदद करें।’’
न्यायमूर्ति जोसेफ ने इससे पहले एक अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, जिसमें पीठ को सूचित किया गया था कि संबद्ध पक्षों ने मध्यस्थता के माध्यम से अपने प्रमुख विवादों को सफलतापूर्वक हल कर लिया है।
मध्यस्थ ने शीर्ष अदालत को सूचित किया कि एक व्यापक समझौता रूपरेखा तैयार करने और कार्यान्वयन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता होगी।
न्यायालय ने रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए समझौते के कार्यान्वयन के लिए समय दिया और पक्षों को सहमत शर्तों के अनुपालन का निर्देश दिया।
भाषा धीरज सुरेश
सुरेश

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