अदालत ने हिरासत में यातना मामले में नौ पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया, पिता-पुत्र की हुई थी मौत

अदालत ने हिरासत में यातना मामले में नौ पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया, पिता-पुत्र की हुई थी मौत

अदालत ने हिरासत में यातना मामले में नौ पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया, पिता-पुत्र की हुई थी मौत
Modified Date: March 23, 2026 / 10:28 pm IST
Published Date: March 23, 2026 10:28 pm IST

मदुरै (तमिलनाडु), 23 मार्च (भाषा) यहां की एक अदालत ने सोमवार को तूतीकोरिन जिले के साथनकुलम में वर्ष 2020 में एक व्यक्ति और उसके बेटे को हिरासत में यातना देने के मामले में सभी नौ आरोपी पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया। इसके कारण पिता-पुत्र दोनों की मौत हो गई थी।

प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश जी. मुथुकुमारन ने घोषणा की कि अभियोजन पक्ष ने अपना मामला साबित कर दिया है और पुलिसकर्मियों को पिता-पुत्र की मृत्यु का दोषी पाया है। न्यायाधीश ने कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों को 30 मार्च को सजा सुनाई जाएगी।

मोबाइल फोन की दुकान के मालिक पी. जयराज (59) और उनके बेटे जे. बेनिक्स (31) को 19 जून 2020 को कोरोना वायरस महामारी के प्रसार को रोकने के नियमों के कथित उल्लंघन के आरोप में सथानकुलम थाने ले जाया गया। पिता-पुत्र की 23 जून को कोविलपट्टी उप-जेल में थाने में कथित तौर पर क्रूरता से यातना दिए जाने के कारण मौत हो गई।

इस मामले में निरीक्षक एस श्रीधर, उप-निरीक्षक के बालकृष्णन, पी रघुगणेश, हेड कांस्टेबल एस मुरुगन और ए समीदुराई सहित 10 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का आरोप था। इस मामले की प्रारंभिक जांच सीबी-सीआईडी ​​ने की थी और बाद में इसे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने हाथ में ले लिया था। उस समय इस घटना से राज्य में भारी जन आक्रोश फैल गया था।

मृतक जयराज की बेटी पर्सिस ने पत्रकारों को बताया कि अदालत ने फैसले में कहा है कि उसके पिता और भाई की मौत 10 पुलिसकर्मियों द्वारा पहुंचाई गई चोटों के कारण हुई।

फैसले का हवाला देते हुए उसने कहा कि पुलिसकर्मियों ने उसके पिता और भाई को ‘पूरी रात और सुबह तक’ पीटा था।

उसने मांग की कि दोषियों को कड़ी सजा दी जाए, जिससे दूसरों को भी सबक मिले।

भाषा

शुभम दिलीप

दिलीप


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