नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने उस व्यक्ति की जमानत याचिका खारिज कर दी है जिस पर अपनी सहजीवन साथी की हत्या करने और उसके परिवार को सूचित किए बिना उसका अंतिम संस्कार करने का आरोप था।
न्यायमूर्ति मधु जैन ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री प्रथम दृष्टया संकेत देती है कि आरोपी ने महिला की मौत का कारण बनने के अलावा पुलिस को भी गुमराह किया और पीड़िता के रिश्तेदारों को गलत जानकारी दी।
उच्च न्यायालय ने अपराध की गंभीरता और आरोपी पर लगाए गए आरोपों को देखते हुए कहा कि जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता।
अदालत ने तीन सितंबर को जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा, ‘‘रिकॉर्ड पर रखी गई सामग्री प्रथम दृष्टया संकेत देती है कि याचिकाकर्ता (आरोपी) ने पीड़िता की मौत का कारण बनने के अलावा उसके रिश्तेदारों को गलत जानकारी दी और पुलिस को गुमराह किया, जिसके परिणामस्वरूप प्राथमिकी दर्ज करने में देरी हुई।’’
अभियोजन के अनुसार, महिला मई 2021 से आरोपी के साथ रह रही थी और 14-15 अप्रैल 2022 की दरमियानी रात उसकी मौत हुई थी।
आरोप है कि आरोपी ने 15 अप्रैल 2022 को पीड़िता के परिवार को सूचित किए बिना और किसी चिकित्सकीय जांच या पोस्टमार्टम के बगैर निगम बोध घाट पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
महिला के पिता की शिकायत पर फर्श बाजार थाने में हत्या और सबूत नष्ट करने का एक मामला दर्ज किया गया था।
बाईस अप्रैल 2022 से हिरासत में बंद आरोपी ने इस आधार पर जमानत का अनुरोध किया था कि उसे जेल में चार साल हो चुके हैं और 26 गवाहों में से अब तक केवल चार की गवाही हुई है।
आरोपी के वकील ने दावा किया कि व्यक्ति ने महिला की मौत के बारे में उसके परिवार के सदस्यों को सूचित किया था और अंतिम संस्कार निगम बोध घाट पर हुआ था, न कि किसी सुनसान जगह पर। उन्होंने कहा कि आरोपी महिला की मौत से एक दिन पहले उसे डॉक्टर के पास भी ले गया था।
अभियोजन ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने न तो पीड़िता के परिवार को उसकी मौत की सूचना दी और न ही उन्हें सही तथ्य बताए, बल्कि झूठ बोला कि वह घर छोड़कर चली गई है।
आरोप यह भी लगाया गया कि आरोपी ने श्मशान घाट पर गलत जानकारी दी और दावा किया कि महिला की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई, जबकि वह न तो महिला को डॉक्टर के पास ले गया और न ही किसी डॉक्टर को उस जगह पर बुलाया।
सरकारी वकील ने दलील दी कि आरोपी पुलिस को सूचना देने से पहले ही और किसी चिकित्सकीय जांच के बिना ही महिला के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गया।
भाषा अमित नरेश
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