अदालत ने वाहन जब्त करने पर सरकार को दिया दो लाख का मुआवजा देने का निर्देश

अदालत ने वाहन जब्त करने पर सरकार को दिया दो लाख का मुआवजा देने का निर्देश

अदालत ने वाहन जब्त करने पर सरकार को दिया दो लाख का मुआवजा देने का निर्देश
Modified Date: April 30, 2026 / 11:32 pm IST
Published Date: April 30, 2026 11:32 pm IST

प्रयागराज, 30 अप्रैल (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को उस व्यक्ति को दो लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है जिसका वाहन गोमांस परिवहन के आरोप में 2024 में मनमाने ढंग से जब्त कर लिया गया था।

याचिकाकर्ता का वाहन इस आरोप में जब्त किया गया था कि वाहन का उपयोग अक्टूबर, 2024 में पांच गायों के मांस के परिवहन में किया गया। बागपत के संबंधित अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश गौहत्या निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की थी।

मोहम्मद चांद नाम के व्यक्ति की रिट याचिका स्वीकार करते हुए न्यायमूर्ति संदीप जैन ने जब्ती का आदेश यह कहते हुए रद्द कर दिया कि अवैध और मनमानी कार्रवाई के कारण वाहन के मालिक को नुकसान उठाना पड़ा।

अदालत ने पाया कि मांस की जांच करने वाला पशु चिकित्सक इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं था कि वह गोमांस था और उसने नमूनों की पुष्टि के लिए जांच कराने की सिफारिश की थी। चूंकि अधिकृत प्रयोगशाला की कोई रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई, इसलिए अदालत ने व्यवस्था दी कि राज्य निर्णायक रूप से यह साबित करने में विफल रहा कि जब्त किया गया मांस, गाय का मांस था। इसलिए वाहन को जब्त नहीं किया जाना चाहिए था।

अदालत ने 27 अप्रैल को दिए निर्णय में कहा, ‘‘अधिकारियों ने इस मुद्दे का परीक्षण किए बगैर याचिकाकर्ता के वाहन को जब्त करने की कार्रवाई की जोकि मनमानी, अवैध और अवांछित थी।’’

अदालत ने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारियों की इस अवैध और मनमानी कार्रवाई के कारण याचिकाकर्ता को गंभीर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा क्योंकि वह वाहन एक परिवहन वाहन था और उसकी आजीविका का स्रोत था।

उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता को दो लाख रुपये क्षतिपूर्ति के भुगतान का आदेश दिया और कहा कि राज्य सरकार यह राशि अवैध जब्ती के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से वसूलने के लिए स्वतंत्र है।

अदालत ने कहा, ‘‘याचिकाकर्ता को इस वाहन के जरिए आजीविका से 18 अक्टूबर, 2024 से वंचित किया गया है और 18 महीने से अधिक की अवधि बीत चुकी है।’’

याचिकाकर्ता ने बागपत के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा पारित जब्ती के आदेश के खिलाफ मेरठ मंडल के आयुक्त के समक्ष अपील की थी जिसे खारिज कर दिया गया था।

अदालत ने वाहन को तीन दिनों के भीतर रिलीज करने का आदेश दिया।

भाषा सं राजेंद्र शोभना

शोभना


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