न्यायालय ने मालदा घटना की जांच की जिम्मेदारी एनआईए को सौंपी; बंगाल के मुख्य सचिव को फटकार
न्यायालय ने मालदा घटना की जांच की जिम्मेदारी एनआईए को सौंपी; बंगाल के मुख्य सचिव को फटकार
नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को अपनी पूर्ण एवं असीमित शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में जुटे सात न्यायिक अधिकारियों के घेराव और हमले से संबंधित मामलों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को स्थानांतरित कर दिया।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने कहा कि पश्चिम बंगाल में नौकरशाही की विश्वसनीयता कम की जा रही है और सचिवालय एवं सरकारी कार्यालयों में राजनीति घुसाई जा रही है।
पीठ ने आदेश दिया कि राज्य पुलिस द्वारा मालदा घटना से जुड़े 26 गिरफ्तार व्यक्तियों से एनआईए द्वारा पूछताछ की जाए, भले ही वे न्यायिक हिरासत में क्यों न हों।
शीर्ष अदालत ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव दुश्यंत नरियाला को फटकार लगाई कि उन्होंने एक अप्रैल को कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की कॉल उस वक्त नहीं उठाई, जब न्यायिक अधिकारियों का घेराव किया गया था।
पीठ ने मुख्य सचिव से कहा कि उन्हें कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से कॉल न उठाने के लिए माफी मांगनी चाहिए और कहा कि यह जिला प्रशासन की विफलता को दर्शाता है।
शीर्ष अदालत ने कहा कि मालदा में एसआईआर कार्य में जुटे न्यायिक अधिकारियों को घंटों तक घेर लिये जाने की घटना वास्तव में पूर्व-नियोजित और किसी विशेष उद्देश्य से प्रेरित थी।
पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के सात सौ न्यायिक अधिकारी एसआईआर प्रक्रिया में तैनात किए गए थे, ताकि इस प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से बाहर किए गए 60 लाख से अधिक आपत्तियों और दावों को निपटाया जा सके।
भाषा
सुरेश दिलीप
दिलीप

Facebook


