अदालत ने मंजू वारियर मानहानि मामले में फिल्मकार एवं अन्य को नोटिस जारी किया

अदालत ने मंजू वारियर मानहानि मामले में फिल्मकार एवं अन्य को नोटिस जारी किया

अदालत ने मंजू वारियर मानहानि मामले में फिल्मकार एवं अन्य को नोटिस जारी किया
Modified Date: September 19, 2026 / 10:27 pm IST
Published Date: September 19, 2026 10:27 pm IST

कोच्चि (केरलम), 19 सितंबर (भाषा) कोच्चि की एक मुंसिफ अदालत ने शनिवार को अभिनेत्री मंजू वारियर की कथित मानहानि के आरोप वाली निषेधाज्ञा याचिका पर फिल्मकार सनल कुमार शशिधरन और दो अन्य को नोटिस जारी किया।

न्यायाधीश रीजा आर नायर की तीसरी अतिरिक्त मुंसिफ अदालत ने शशिधरन, मलयालम ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल चलाने वाले शाजन स्कारिया और ‘मेटा प्लेटफ़ॉर्म्स इंक’ को नोटिस जारी किया।

यह याचिका दीवानी प्रक्रिया संहिता की धारा 26 के तहत दायर की गई थी।

अदालत ने निर्देश दिया कि समन पर पांच नवंबर तक जवाब दाखिल किया जाए जब याचिका पर सुनवाई होगी।

वारियर की वकील शांति एम ने कहा कि अदालत ने शशिधरन को कथित तौर पर अभिनेत्री को बदनाम करने से रोकने के लिए एक अस्थायी निषेधाज्ञा भी जारी की है।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘सनल कुमार शशिधरन नामक एक व्यक्ति लगातार मंजू वारियर को बदनाम कर रहा है, उनके बारे में झूठी खबरें फैला रहा है और उन्हें बदनाम करने के लिए मीडिया और सोशल मीडिया पर रोज़ाना लगभग 10,000 कंटेंट बना रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने एक निषेधाज्ञा का मुकदमा दायर किया है। उस मुकदमे में, मुंसिफ अदालत ने अब एक अस्थायी आदेश जारी किया है जिसमें उन्हें मंजू वारियर को और बदनाम न करने का निर्देश दिया गया है। मुंसिफ अदालत ने शशिधरन के खिलाफ अस्थायी निषेधाज्ञा जारी की है।’’

शांति ने बताया कि वारियर ने 2022 और 2023 में शशिधरन के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कराए थे तथा अदालत के सामने बयान भी दिए थे।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘इसके बावजूद, वह सोशल मीडिया मंच पर झूठे बयान देकर उन्हें बदनाम कर रहा है।’’

शांति ने कहा कि अदालत ने मेटा को भी निर्देश दिया था कि वह वॉरियर के खिलाफ कथित तौर पर बदनाम करने वाली सामग्री को अपने सोशल मीडिया मंच से हटाए।

शशिधरन अभी राज्य सचिवालय के सामने भूख हड़ताल पर हैं। वह हेमा कमेटी की रिपोर्ट जारी करने, कमेटी द्वारा बताई गई गड़बड़ियों की उच्चस्तरीय जांच करने और वॉरियर की शिकायतों के आधार पर उनके खिलाफ दर्ज दो मामलों के पीछे की कथित साजिश की जांच करने की मांग कर रहे हैं।

भाषा

राजकुमार नेत्रपाल

नेत्रपाल


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