कॉजपा प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की बर्बरता से जुड़ी याचिका पर तत्काल सुनवाई से अदालत का इनकार

कॉजपा प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की बर्बरता से जुड़ी याचिका पर तत्काल सुनवाई से अदालत का इनकार

कॉजपा प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की बर्बरता से जुड़ी याचिका पर तत्काल सुनवाई से अदालत का इनकार
Modified Date: July 21, 2026 / 01:54 pm IST
Published Date: July 21, 2026 1:54 pm IST

नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के ‘‘संसद चलो’’ मार्च में शामिल छात्रों के खिलाफ पुलिस द्वारा ‘‘अत्यधिक बल प्रयोग’’ के मामले में दायर याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया।

मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा, ‘‘अदालत को इन सब मामलों में नहीं घसीटें।’’

पीठ ने कहा कि मामले को बुधवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।

याचिकाकर्ता ने मामले में तत्काल सुनवाई का अनुरोध करते हुए पीठ के समक्ष याचिका का उल्लेख किया और कहा कि दिल्ली पुलिस के जवानों ने प्रदर्शनकारियों पर ‘‘बहुत अधिक बल’’ का इस्तेमाल किया।

परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉजपा के ‘‘संसद चलो’’ मार्च में सोमवार को हजारों लोग शामिल हुए।

कॉजपा ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया कि उसने प्रदर्शनकारियों को संसद तक पहुंचने से रोकने के लिए बहुत अधिक बल का इस्तेमाल किया। पार्टी का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए और कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो के साथ धक्का-मुक्की की गई।

हालांकि, दिल्ली पुलिस ने आंग्मो से दुर्व्यवहार की बात से इनकार किया और इस तरह की रिपोर्ट को ‘‘पूरी तरह से झूठा और गुमराह करने वाला’’ बताया।

भाषा सुरभि माधव

माधव


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