नयी दिल्ली, 21 फरवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने कोलकाता के निवेशकों के साथ कथित धोखाधड़ी से संबंधित एक मामले में कारोबारी सत्य प्रकाश बागला की जमानत याचिका शनिवार को खारिज कर दी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शुनाली गुप्ता ने याचिका खारिज कर दी। विस्तृत आदेश की प्रतीक्षा है।
गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी एक्सक्लूसिव कैपिटल लिमिटेड के मालिक बागला को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने नौ जनवरी को गिरफ्तार किया था।
अभियोजन ने याचिका का विरोध करते हुए दलील दी थी कि हिरासत में पूछताछ अभी भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सह-आरोपी जांच में शामिल नहीं हुए हैं और दिल्ली उच्च न्यायालय में कार्यवाही आगे बढ़ा रहे हैं।
अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य से छेड़छाड़ और भागने के जोखिम की आशंका भी जतायी और दलील दी कि बागला की मेडिकल स्थिति इतनी गंभीर नहीं कि उसे रिहा किया जाए।
बचाव पक्ष ने दलील दी कि हिरासत में पूछताछ की कोई आवश्यकता नहीं है, साक्ष्य से छेड़छाड़ के आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि बागला गंभीर बीमारियों से पीड़ित है, जिनमें उच्च रक्तचाप और केवल एक गुर्दे का काम करना शामिल है।
यह मामला अक्टूबर 2025 में कोलकाता निवासी वरिष्ठ नागरिक दंपति सुरेश कुमार अग्रवाल और कांता अग्रवाल द्वारा एक्सक्लूसिव कैपिटल लिमिटेड के निदेशकों बागला, अचल कुमार जिंदल और जॉनसन के. अब्राहम के खिलाफ दायर शिकायत से जुड़ा है।
भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (धोखाधड़ी), 316 (आपराधिक विश्वासघात) और 61 (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया था और बाद में उन्हें पता चला कि निवेशकों के धन का दुरुपयोग करके लग्जरी कार, इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदे गए और जुड़ी इकाइयों को फर्जी ऋण दिए गए।
भाषा
अमित पवनेश
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