अदालत ने आईआरसीटीसी मामले में आरोप तय करने के खिलाफ राबड़ी देवी की याचिका पर सीबीआई से जवाब मांगा

अदालत ने आईआरसीटीसी मामले में आरोप तय करने के खिलाफ राबड़ी देवी की याचिका पर सीबीआई से जवाब मांगा

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  • Publish Date - January 16, 2026 / 02:03 PM IST,
    Updated On - January 16, 2026 / 02:03 PM IST

नयी दिल्ली, 16 जनवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद की पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा दायर उस याचिका पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से उसका जवाब मांगा, जिसमें कथित आईआरसीटीसी घोटाले के मामले में आरोप तय किए जाने को चुनौती दी गई है।

न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने उनकी याचिका पर नोटिस जारी किया और सुनवाई के लिए 19 जनवरी की तारीख तय की, जिस दिन उनके पति और बेटे तेजस्वी यादव की इसी तरह की याचिकाएं भी सूचीबद्ध हैं।

निचली अदालत ने 13 अक्टूबर 2025 को धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार के आरोपों में लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी प्रसाद यादव और 11 अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप तय किए।

राबड़ी देवी ने अपनी याचिका में कहा कि निचली अदालत ने कथित साजिश में ‘‘पहले ही मान लिया’’ की उनकी भूमिका है, जबकि उनके शामिल होने का संकेत देने वाली कोई सामग्री उपलब्ध नहीं थी।

याचिका में कहा गया है, ‘‘यह रिकॉर्ड का विषय है कि न तो ए-1 (लालू) और न ही उनके परिवार के सदस्य, जिनमें याचिकाकर्ता भी शामिल हैं, कभी रांची और पुरी स्थित बीएनआर होटलों की निविदा प्रक्रिया में शामिल थे। अभियोजन द्वारा यह स्वीकार किया गया तथ्य है कि ए-1 ने रांची और पुरी के बीएनआर होटलों की निविदा प्रक्रिया के दौरान न तो मौखिक और न ही लिखित रूप में कोई निर्देश जारी किया।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘विशेष अदालत ने आरोप आदेश मात्र इस अनुमान के आधार पर पारित किया है कि ए-1 रेल मंत्री थे और उच्च पद पर आसीन थे इसलिए यह संभावना हो सकती है कि उन्होंने आईआरसीटीसी में तैनात अधिकारियों को निविदा प्रक्रिया में हेरफेर करने के लिए प्रभावित किया होगा, जिस पर निर्णय मुकदमे की सुनवाई पूरी होने के बाद लिया जाएगा।’’

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने आरोपपत्र में आरोप लगाया है कि 2004 से 2014 के बीच एक साजिश रची गई, जिसके तहत भारतीय रेलवे के पुरी और रांची में स्थित बीएनआर होटलों को पहले आईआरसीटीसी को स्थानांतरित किया गया और फिर उन्हें संचालन, रखरखाव और देखरेख के लिए पटना स्थित सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को लीज पर दे दिया गया।

सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, तत्कालीन रेल मंत्री यादव ने सुजाता होटल्स की मालिक सरला गुप्ता और आईआरसीटीसी के अधिकारियों के साथ ‘‘स्वयं और अन्य लोगों के लिए अनुचित आर्थिक लाभ’’ के उद्देश्य से आपराधिक साजिश रची। सरला गुप्ता राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के करीबी सहयोगी और राज्यसभा में पार्टी के सदस्य प्रेम चंद गुप्ता की पत्नी हैं।

जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि बीएनआर होटलों को ‘‘पूर्वनियोजित और हेरफेर वाली’’ निविदा प्रक्रिया के जरिए सुजाता होटल्स को स्थानांतरित किया गया, जिसे आईआरसीटीसी के तत्कालीन प्रबंध निदेशक प्रदीप कुमार गोयल ने प्रबंधित किया।

भाषा गोला वैभव

वैभव