अदालत ने डॉ. वंदना दास की हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनायी

अदालत ने डॉ. वंदना दास की हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनायी

अदालत ने डॉ. वंदना दास की हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनायी
Modified Date: March 21, 2026 / 12:49 pm IST
Published Date: March 21, 2026 12:49 pm IST

कोल्लम (केरल), 21 मार्च (भाषा) केरल की एक अदालत ने मई 2023 में एक तालुक अस्पताल में डॉ. वंदना दास की हत्या के मामले में एक व्यक्ति को शनिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनायी।

विशेष लोक अभियोजक प्रताप जी पडिकल ने पत्रकारों को बताया कि कोल्लम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने जी. संदीप को भारतीय दंड संहिता (भादंसं) के तहत विभिन्न अपराधों के लिए कुल 30 वर्ष की कारावास की सजा सुनाई और कहा कि इस सजा को पूरा करने के बाद चिकित्सक की हत्या के लिए उसकी आजीवन कारावास की सजा शुरू हो जाएगी।

अदालत ने 17 मार्च को उसे तत्कालीन भादंसं के तहत हत्या, सबूतों को नष्ट करने और गलत तरीके से बंधक बनाने सहित विभिन्न अपराधों के लिए दोषी ठहराया था।

अदालत ने उसे केरल स्वास्थ्य सेवा कर्मी और स्वास्थ्य सेवा संस्थान (हिंसा और संपत्ति को नुकसान की रोकथाम) अधिनियम 2012 के प्रावधानों के तहत भी दोषी ठहराया।

संदीप को 10 मई 2023 की तड़के पुलिस द्वारा चिकित्सा उपचार के लिए तालुक अस्पताल लाया गया था और उसने उस कमरे में रखी सर्जिकल कैंची से अचानक हमला कर दिया, जहां उसके पैर की चोट का उपचार किया जा रहा था।

पेशे से एक स्कूल शिक्षक संदीप ने पहले पुलिस अधिकारियों और एक व्यक्ति पर हमला किया जो उसके साथ अस्पताल गए थे और फिर युवा चिकित्सक दास पर हमला कर दिया।

उस पर कई बार चाकू से वार किया गया और हमले के बाद चिकित्सक को तिरुवनंतपुरम के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।

डॉ. दास कोट्टायम जिले के कदुथुरुथी क्षेत्र की मूल निवासी थीं और अपने माता-पिता की इकलौती संतान थीं।

वह अजीजिया मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हाउस सर्जन थीं और प्रशिक्षण के रूप में कोट्टारक्कारा तालुक अस्पताल में कार्यरत थीं।

संदीप ने आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल करके अपनी जान को खतरा बताया था। जब स्थानीय पुलिस उसके पास पहुंची, तो वह अपने घर से 10-15 मीटर दूर खड़ा था, जिसके चारों ओर स्थानीय निवासी और रिश्तेदार मौजूद थे। एक कथित झगड़े के कारण उसके पैर में चोट लगी थी।

उसे चोट के इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था।

भाषा गोला खारी

खारी


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