वायु प्रदूषण की चिंताओं के बीच ‘ऑटो फेस्टिवल’ कराने के लिए दाखिल अर्जी पर विचार करें : अदालत

वायु प्रदूषण की चिंताओं के बीच ‘ऑटो फेस्टिवल’ कराने के लिए दाखिल अर्जी पर विचार करें : अदालत

वायु प्रदूषण की चिंताओं के बीच ‘ऑटो फेस्टिवल’ कराने के लिए दाखिल अर्जी पर विचार करें : अदालत
Modified Date: January 15, 2026 / 04:49 pm IST
Published Date: January 15, 2026 4:49 pm IST

नयी दिल्ली, 15 जनवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी के दक्षिण पूर्व जिले के जिलाधिकारी को बृहस्पतिवार को कहा कि वह शहर में खराब वायु गुणवत्ता के मद्देनजर ओखला के एनएसआईसी मैदान में कार और बाइक महोत्सव आयोजित करने के प्रस्ताव के खिलाफ दाखिल अर्जी पर विचार करें।

मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने कहा कि दक्षिण-पूर्व के जिलाधिकारी से जल्द से जल्द निर्णय लेने की उम्मीद है, क्योंकि ‘बर्नआउट सिटी’ नाम से इस कार्यक्रम का आयोजन 17 जनवरी को होने वाला है।

अदालत ने इस आयोजन के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर हालांकि आदेश पारित करते हुए इस बात पर नाराजगी जताई कि अर्जी में आयोजन से क्षेत्र में वायु प्रदूषण की स्थिति और खराब होने के दावे के समर्थन में कोई भी वैज्ञानिक आंकड़ा या शोध संलग्न नहीं है।

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याचिकाकर्ता ने दावा किया कि ‘बर्नआउट सिटी’ में वाहन करतब करते नजर आएंगे, जिससे अधिक ईंधन की खपत के कारण वायु प्रदूषण की स्थिति और भी बदतर हो जाएगी।

अदालत ने सुनवाई के दौरान सवाल किया, ‘‘क्या कोई आंकड़े हैं? याचिका आपके अनुमानों पर आधारित प्रतीत होती है। इसमें कोई वैज्ञानिक आधार नहीं दिया गया है। आप उच्च आरपीएम और वाहनों द्वारा अधिक पेट्रोल खपत के कारण अनुमान लगा रहे हैं।’’

पीठ ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता ने न तो राजधानी में चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (ग्रेप) लागू करने के लिए अधिकृत वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को पक्षकार बनाया है, न ही उसने दिल्ली सरकार के स्थायी अधिवक्ता को विधिवत याचिका से अवगत कराया है।

अदालत ने टिप्पणी की, ‘‘जिलाधिकारी को अभ्यावेदन नहीं दिया गया है। आप इतनी लापरवाही और बगैर गंभीरता से याचिका क्यों दायर कर रहे हैं? आयोग यहां पक्षकार नहीं है।’’

पीठ ने आदेश में कहा, ‘‘मामले के गुण-दोष पर विचार किए बिना, हम यह अपेक्षा करते हैं कि दक्षिण-पूर्व के जिलाधिकारी याचिका में की गई शिकायत, विशेष रूप से याचिका में संलग्न चार जनवरी के अभ्यावेदन, पर विचार करें और उचित निर्णय लें।’’

भाषा धीरज सुरेश

सुरेश


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