नयी दिल्ली, 20 जनवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार की उस याचिका पर सुनवाई की तारीख 10 मार्च तय की, जो उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय की धनशोधन जांच के खिलाफ दायर की है।
कांग्रेस नेता शिवकुमार ने 2022 में उच्च न्यायालय का रुख किया था और कथित आय से अधिक संपत्ति मामले के बाद एजेंसी द्वारा 2020 में दर्ज किए गए प्रवर्तन मामला सूचना रिकार्ड (ईसीआईआर) में उन्हें जारी समन सहित पूरी जांच को रद्द करने का अनुरोध किया था।
न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रवींद्र डुडेजा की पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता द्वारा समय देने का अनुरोध किए जाने के बाद मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।
पीठ ने कहा, “मामले को 10 मार्च को सूचीबद्ध किया जाए।”
शिवकुमार ने याचिका में अपने खिलाफ जारी धनशोधन जांच को कई आधारों पर चुनौती दी है। इनमें यह भी शामिल है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उसी अपराध की दोबारा जांच कर रहा है, जिसकी जांच वह पहले ही 2018 में दर्ज एक मामले में कर चुका है।
अधिवक्ता मयंक जैन, परमात्मा सिंह और मधुर जैन के माध्यम से दाखिल अपनी दलीलों में शिवकुमार ने पहले कहा था कि मौजूदा जांच उनके खिलाफ दूसरी बार की गई कार्यवाही है और यह कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग तथा शक्ति का दुर्भावनापूर्ण इस्तेमाल है।
दो मई 2023 को उच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) शिवकुमार के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने के अपने रुख से ‘‘बंधा रहेगा।’’
ईडी ने दोबारा जांच के दावे का विरोध करते हुए अपने जवाबी शपथपत्र में कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज दो ईसीआईआर विभिन्न तथ्यों पर आधारित हैं और दोनों मामलों में अपराध भी अलग हैं। उसने कहा कि इसमें शामिल अपराध से अर्जित राशि की मात्रा भी अलग है।
भाषा अमित दिलीप
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