नयी दिल्ली, सात मार्च (भाषा) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने शनिवार को कहा कि थाईलैंड में पिछले कई महीनों से अपने नियोक्ता की ‘‘कैद में यातना’’ का सामना कर रहे छह भारतीय श्रमिकों को उसके (आयोग के) हस्तक्षेप के बाद बचा लिया गया।
एनएचआरसी ने हाल में इस मामले में विदेश मंत्रालय से जवाब मांगा था।
इसने एक बयान में कहा कि एनएचआरसी द्वारा स्वत: संज्ञान लेकर किये गये हस्तक्षेप से विदेश मंत्रालय ने ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले के छह भारतीय श्रमिकों को ‘‘तेजी से बचाया’’, जो पिछले छह महीनों से थाईलैंड में अपने नियोक्ता की ‘‘कैद में यातना’’ का सामना कर रहे थे।
बयान में कहा गया कि कि बचाए गए चार लोगों को 20 फरवरी को एनएचआरसी द्वारा विदेश मंत्रालय को पत्र भेजे जाने के ठीक अगले दिन ही देश वापस भेज दिया गया। इसने कहा कि नियोक्ता ने भारत वापसी यात्रा का खर्च भी वहन किया।
एनएचआरसी ने कहा कि विदेश मंत्रालय के दक्षिणी प्रभाग ने सूचित किया है कि वह शेष दो बचाए गए श्रमिकों की स्वदेश वापसी के मामले को थाई आव्रजन अधिकारियों के साथ आगे बढ़ा रहा है, क्योंकि वे अपने वीजा की अवधि से अधिक समय तक रुके हुए थे।
भाषा नेत्रपाल सुरेश
सुरेश