वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध बनाने की मांग वाली याचिकाओं पर बुधवार को फैसला सुनाएगी अदालत

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वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध बनाने की मांग वाली याचिकाओं पर बुधवार को फैसला सुनाएगी अदालत

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  • Publish Date - May 10, 2022 / 08:38 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:04 PM IST

नयी दिल्ली, 10 मई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय बुधवार को वैवाहिक बलात्कार के अपराधीकरण की मांग वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाएगा।

न्यायमूर्ति राजीव शकधर और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की एक पीठ ने 21 फरवरी को उन याचिकाओं पर विस्तृत सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था जिनमें भारत में बलात्कार कानून के तहत पतियों को दी गई छूट को खत्म करने का अनुरोध किया गया है।

अदालत ने सात फरवरी को वैवाहिक दुष्कर्म के अपराधीकरण की मांग वाली याचिकाओं पर केंद्र को अपना रुख स्पष्ट करने के लिये दो हफ्तों का समय दिया था।

केंद्र ने हालांकि फिर से अदालत से और समय देने का आग्रह किया, जिसे पीठ ने इस आधार पर खारिज कर दिया कि मौजूदा मामले को अंतहीन रूप से स्थगित करना संभव नहीं है।

केंद्र ने दलील दी कि उसने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को इस मुद्दे पर उनकी राय के लिए पत्र भेजा है। केंद्र ने अदालत से अनुरोध किया कि जब तक उनकी राय नहीं मिल जाती, तब तक कार्यवाही स्थगित कर दी जाए।

भाषा

प्रशांत उमा

उमा