कोविड 19: अहमदाबाद में टीकाकरण केन्द्रों में टीकों की कमी, भीड़ से अफरातफरी

कोविड 19: अहमदाबाद में टीकाकरण केन्द्रों में टीकों की कमी, भीड़ से अफरातफरी

कोविड 19: अहमदाबाद में टीकाकरण केन्द्रों में टीकों की कमी, भीड़ से अफरातफरी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:32 pm IST
Published Date: June 30, 2021 12:01 pm IST

अहमदाबाद, 20 जून (भाषा) गुजरात के अहमदाबाद शहर में बुधवार को कोविड-19 टीकों की कमी के बीच बड़ी संख्या में लोग टीकाकरण केन्द्रों में उमड़ पड़े, जिसके चलते अफरातफरी मच गई।

अधिकारियों ने कहा कि अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) टीकों की कमी के कारण प्रतिदिन एक लाख लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य हासिल करने के लिये संघर्ष कर रहा है।

अहमदाबाद के कई टीकाकरण केन्द्रों विशेषकर शहर के उत्तरी हिस्सों में लोग टीका लगवाने का टोकन लेने के लिये सुबह से कतारों में लगे दिखे। टोकन सीमित संख्या में वितरित किये रहे हैं। कई केन्द्रों ने तो बोर्ड लगा दिये, जिनपर लिखा था कि कोविशील्ड टीके उपलब्ध नहीं हैं।

यहां शहरी स्वास्थ्य केन्द्र पर एक लाभार्थी बोदकदेव ने कहा, ”मैं तड़के यहां आया गया था। इसलिये मुझे टीके के लिये टोकन मिल गया। वे 100 लोगों को ही टोकन देते हैं। मैं आज दूसरे दिन यहां आया और सौभाग्यवश टोकन मिल गया।”

खोखरा, अमराईवाड़ी और वस्त्राल जैसे विभिन्न स्थानों पर अन्य टीकाकरण केन्द्रों में भी लंबी कतारें दिखीं, जहां लोग टीका लगवाने सुबह जल्दी निकल पड़े।

एएमसी ने 20 जून को कहा था कि उसने राज्य सरकार द्वारा केन्द्र पर आकर पंजीकरण कराने की सुविधा रोकने के बाद प्रतिदिन एक लाख लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा है।

बहरहाल, अधिकारियों ने कहा कि 21 से 29 जून के बीच वह 50 हजार का आंकड़ा तक पार नहीं कर पाया।

एएमसी द्वारा साझा किये गए आंकड़ों के अनुसार 21 जून को शहर में 38,311 लोगों को टीका लगाया गया। इसके बाद अगले आठ दिन में टीकाकरण का आंकड़ा 39,541, 41,887, 41,390, 33,355, 27,509, 20,158, 22,506, और 25,289 रहा।

एएमसी के चिकित्सा अधिकारी भाविन सोलंकी ने कहा, ‘हमें टीकों की आपूर्ति कम हो रही है, फिर भी हम आपूर्ति के आधार पर लोगों का टीकाकरण कर रहे हैं, जो हर दिन बदलती रहती है। कल हमें 35,000 खुराक मिलीं। कुछ दिन हमें 20,000 या 13,000 खुराक भी मिलती हैं।’

ऐसा ही हाल राजकोट के कुछ केंद्रों पर भी देखने को मिला।

लोगों ने टीकाकरण में अनियमितताओं और उचित व्यवस्था की कमी की शिकायत की, जिसके कारण वे टीका नहीं लगवा पाए।

भाषा जोहेब पवनेश

पवनेश


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