कॉजपा का प्रदर्शन: वांगचुक ने प्रदर्शन स्थल से जबरन हटाए जाने के खिलाफ किया आगाह

कॉजपा का प्रदर्शन: वांगचुक ने प्रदर्शन स्थल से जबरन हटाए जाने के खिलाफ किया आगाह

कॉजपा का प्रदर्शन: वांगचुक ने प्रदर्शन स्थल से जबरन हटाए जाने के खिलाफ किया आगाह
Modified Date: July 10, 2026 / 03:25 pm IST
Published Date: July 10, 2026 3:25 pm IST

नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को कहा कि उनके अनिश्चितकालीन उपवास का 13वां दिन होने पर उनकी भूख ‘‘स्थिर’’ हो गई है। उन्होंने जोर दिया कि उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाने की कोशिश करके उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं किया जाना चाहिए।

वांगचुक जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के आंदोलन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के लिए सरकार की जवाबदेही की मांग को लेकर शुरू हुआ यह प्रदर्शन 21वें दिन में प्रवेश कर चुका है।

वांगचुक ने पत्रकारों से कहा, ‘‘आज (उपवास का) 13वां दिन है। मैं ठीक महसूस कर रहा हूं। मेरी भूख अब स्थिर हो गई है। शुरुआती दिन मुश्किल होते हैं क्योंकि शरीर उपवास के हिसाब से ढल रहा होता है। थोड़ी थकान है, लेकिन बाकी सब ठीक है।’’

स्वास्थ्य बिगड़ने की स्थिति में प्रशासन के हस्तक्षेप की संभावना के संबंध में पूछे गए सवाल पर वांगचुक ने कहा कि वह अपनी इच्छा से प्रदर्शन स्थल पर मौजूद हैं और उन्हें वहां से हटाने का प्रशासन के पास कोई कारण नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि वे मुझे हटाने की कोशिश क्यों करेंगे। मैं अपनी इच्छा से यहां आया हूं और मेरी जान को कोई खतरा नहीं है। अगर वे मुझे यहां से हटाते हैं, तो यह हमारे अधिकारों का उल्लंघन होगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं। देश और दुनिया हमारे लोकतंत्र की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत हमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है और मुझे उम्मीद है कि इस अधिकार का सम्मान जारी रहेगा।’’

मई में मेडिकल की प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी रद्द होने से कथित तौर पर संबंधित छात्रों की आत्महत्याओं का जिक्र करते हुए वांगचुक ने कहा कि इस प्रदर्शन का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि आप जानते हैं, 20 छात्रों ने आत्महत्या की है। ऐसा नहीं होना चाहिए कि अगले साल यह संख्या बढ़कर 40 या 80 हो जाए। हम ऐसी स्थितियों को रोकने के लिए ही यहां बैठे हैं।’’

उन्होंने यह भी कहा कि संसद के मॉनसून सत्र से पहले प्रधान का इस्तीफ़ा स्वीकार करने से सरकार को युवाओं का भरोसा फिर से हासिल करने में मदद मिलेगी।

कॉजपा के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि उपवास शुरू करने के बाद से वांगचुक का वजन लगभग 7.5 किलोग्राम घट गया है और उनका रक्त शर्करा स्तर लगातार कम बना हुआ है।

परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर कॉजपा का विरोध-प्रदर्शन 20 जून को शुरू हुआ।

भाषा आशीष नरेश

नरेश


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