Whatsapp Username Feature: व्हाट्सऐप बनाम सरकार! Username फीचर को लेकर बढ़ा विवाद, आखिर कंपनी ने क्या दी सफाई? जानें यहां

Whatsapp Username Feature: WhatsApp के Username फीचर को लेकर सरकार ने कंपनी से जवाब मांगा था और चिंता जताई ती की इस सुविधा का गलत इस्तेमाल कर साइबर अपराध बढ़ सकते हैं। अब कंपनी ने अपना पक्ष रखते हुए सरकार के सवालों का जवाव दिया है।

Whatsapp Username Feature: व्हाट्सऐप बनाम सरकार! Username फीचर को लेकर बढ़ा विवाद, आखिर कंपनी ने क्या दी सफाई? जानें यहां

(Whatsapp Username Feature/ Image Credit: AI-generated)

Modified Date: July 10, 2026 / 02:06 pm IST
Published Date: July 10, 2026 2:05 pm IST
HIGHLIGHTS
  • WhatsApp के Username फीचर पर सरकार ने कंपनी से जवाब मांगा था।
  • Meta ने IT मंत्रालय को इस फीचर पर अपना जवाब सौंप दिया है।
  • सरकार साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन धोखाधड़ी को लेकर चिंतित है।

नई दिल्ली: Whatsapp Username Feature: Meta के मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp के नए Username फीचर को लेकर सरकार और कंपनी के बीच चर्चा जारी है। इस फीचर के जरिए यूजर्स बिना मोबाइल नंबर साझा किए एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे। लेकिन इस सुविधा को लेकर केंद्र सरकार ने सुरक्षा और साइबर अपराध से जुड़ी चिंता जताई है। इसी वजह से 1 जुलाई को सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्रालय ने WhatsApp को नोटिस भेजकर इस फीचर पर विस्तृत जवाब मांगा था और सरकार ने मेटा से कहा था कि जब तक इस मामले पर बातचीत पूरी नहीं हो जाती तब तक Username फीचर रोल आउट न करे। अब कंपनी ने सरकार को अपना जवाब सौंप दिया है और मंत्रालय इसकी जांच कर रहा है।

सरकार ने क्यों जताई चिंता?

सरकार का मानना है कि Username फीचर का गलत इस्तेमाल करके साइबर अपराधी लोगों को आसानी से निशाना बना सकते हैं। खासकर ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट जैसे स्कैम और किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान का गलत इस्तेमाल करने की आशंका बढ़ सकती है। इसी कारण सरकार ने Meta से पूछा था कि इस फीचर को लागू करने से पहले यूजर्स की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। साथ ही कंपनी को याद दिलाया गया कि उसे IT कानून के तहत जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा।

WhatsApp ने क्या सफाई दी?

कंपनी का कहना है कि Username फीचर को कई सुरक्षा उपायों के साथ पेश किया जाएगा। किसी यूजर को मैसेज भेजने के लिए उसका सही यूजरनेम पता होना जरूरी होगा। इसके अलावा एक अकाउंट कितने नए लोगों से संपर्क कर सकता है इसकी भी सीमा तय की जाएगी। बार-बार यूजरनेम का अनुमान लगाने की कोशिशों को रोका जाएगा और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। WhatsApp यह भी दिखाएगा कि मैसेज भेजने वाला नया यूजर है, कॉन्टैक्ट है, किसी कॉमन ग्रुप का सदस्य है या किसी दूसरे देश से जुड़ा है।

सरकार करेगी जवाब की जांच

सूत्रों के मुताबिक, IT मंत्रालय को WhatsApp का जवाब मिल चुका है और अब उसकी विस्तार से समीक्षा की जा रही है। इससे पहले Meta के प्रतिनिधियों ने मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात भी की थी। वहीं, अधिकारियों ने बताया कि Telegram और Signal जैसे अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से भी इसी विषय पर जवाब मांगा गया है और उनके जवाब का इंतजार किया जा रहा है।

फिलहाल लॉन्च पर बनी हुई है नजर

सरकार WhatsApp से कहा है कि जब तक इस मामले में सभी सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिल जाते, तब तक Username फीचर को लॉन्च करने में सावधानी बरती जाए। आने वाले समय में मंत्रालय की जांच के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा। यदि सरकार सुरक्षा उपायों से संतुष्ट होती है तभी इस फीचर को लेकर अगला कदम उठाया जा सकता है। फिलहाल इस पूरे मामले पर टेक इंडस्ट्री और करोड़ों WhatsApp यूजर्स की नजर टिकी हुई है।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।