चेन्नई, 25 फरवरी (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के वरिष्ठ नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी आर नल्लाकन्नू का बुधवार को यहां एक सरकारी अस्पताल में निधन हो गया।
सूत्रों ने बताया कि उनकी उम्र लगभग 101 वर्ष थी और अस्पताल में उनका उम्र संबंधी बीमारियों का इलाज किया जा रहा था।
मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने नल्लाकन्नू को श्रद्धांजलि अर्पित की और दिवंगत नेता का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किये जाने की घोषणा की।
तमाम राजनीतिक नेताओं ने शोक संवेदनाएं व्यक्त की और वामपंथी नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
राजीव गांधी सरकारी जनरल अस्पताल की ओर से जारी एक बुलेटिन में बताया गया कि गहन देखभाल के बावजूद सभी महत्वपूर्ण अंगों के काम करना बंद करने के कारण 25 फरवरी, 2026 को अपराह्न एक बजकर 55 मिनट पर नल्लाकन्नू का निधन हो गया।
इसमें कहा गया है कि बीमारी के बाद भाकपा नेता को एक फरवरी को गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था।
बुलेटिन के अनुसार नल्लाकन्नू को 24 दिन तक अस्पताल में भर्ती रखा गया और इस दौरान उनकी गहन देखभाल एक विशेषज्ञ टीम द्वारा की गई। इसमें कहा गया है कि हालांकि ‘‘आज सुबह से ही’’ उनमें दवाओं का असर धीरे-धीरे कम होने लगा था और उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई।
अपने शोक संदेश में स्टालिन ने नल्लाकन्नू की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक मजबूत व्यक्तित्व बताया, जिन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अथक संघर्ष किया।
इसमें कहा गया है कि नल्लाकन्नू ने हमेशा इस बात पर दृढ़ विश्वास रखा कि कम्युनिस्ट और द्रविड़ विचारधाराएं ऐसी सहयोगी हैं, जिन्हें सामाजिक परिवर्तन के लिए साथ मिलकर काम करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने श्रमिक वर्ग के कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले वामपंथी नेता की सराहना की। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि ने नल्लाकन्नू को आंबेडकर पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया था।
स्टालिन ने कहा, ‘‘यह मेरा सौभाग्य था कि मुझे द्रमुक सरकार की ओर से कॉमरेड को ‘थगैसल थमिझार’ (प्रतिष्ठित तमिल) पुरस्कार प्रदान करने का अवसर मिला।’’
भाषा
देवेंद्र पवनेश
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