दुबई, 25 फरवरी (एपी) अमेरिका की ओर से बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती के बीच ईरान ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दबाव बनाने की रणनीति का कड़ा विरोध किया। यह विरोध तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर जिनेवा में होने वाली अहम वार्ता से पहले किया गया है।
ईरान ने ट्रंप के बयानों को कभी ‘बड़ा झूठ’ बताया तो कभी कहा कि ‘सम्मानजनक कूटनीति’ के जरिये वार्ता से समझौता हो सकता है।
बृहस्पतिवार को होने वाली वार्ता से पहले दो ईरानी अधिकारियों की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब अमेरिका ने दशकों बाद मध्य पूर्व में विमानों और युद्धपोतों की इतनी बड़ी तैनाती की है।
ये तैनाती ट्रंप के उन प्रयासों का हिस्सा है जिनके तहत वे ईरान के साथ समझौता करना चाहते हैं, जबकि ईरान पिछले महीने हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद बढ़ते असंतोष से जूझ रहा है।
वार्ता विफल होने को लेकर ट्रंप ने बार-बार ईरान पर हमला करने की धमकी दी है। मध्य पूर्व के देशों को डर है कि इससे एक नया क्षेत्रीय युद्ध छिड़ सकता है, क्योंकि वर्षों से जारी इजराइल-हमास युद्ध की आग अब भी सुलग रही है।
एपी संतोष पवनेश
पवनेश