माकपा ने शहीद दिवस के आयोजन की अनुमति न मिलने पर त्रिपुरा की भाजपा सरकार की आलोचना की
माकपा ने शहीद दिवस के आयोजन की अनुमति न मिलने पर त्रिपुरा की भाजपा सरकार की आलोचना की
अगरतला, 13 अक्टूबर (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने दक्षिण जिले के बीरचंद्र मनु में ‘शहीद दिवस’ मनाने की अनुमति नहीं मिलने पर त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत माणिक साहा सरकार की कड़ी निंदा की है।
माकपा ने कांग्रेस और त्रिपुरा उपजाति जुबा समिति के शासन के दौरान 12 अक्टूबर, 1988 को बीरचंद्र मनु में मारे गए 11 पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं समेत 13 लोगों को श्रद्धांजलि दी।
माकपा की त्रिपुरा इकाई के सचिव जितेंद्र चौधरी ने रविवार को फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘इस साल पार्टी ने 12 अक्टूबर, 1988 को बेरहमी से मारे गए लोगों की याद में ‘शहीद दिवस’ मनाने के लिए स्थानीय पुलिस से अनुमति मांगी थी। मैंने व्यक्तिगत रूप से दक्षिण जिले के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को इस कार्यक्रम की जानकारी दी थी लेकिन उन्होंने पार्टी को अनुमति नहीं दी।’
उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से उन्होंने हमें पिछले पांच-छह सालों से ‘शहीद दिवस’ मनाने की अनुमति नहीं दी है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनके अनादर को दिखाता है।’
चौधरी ने आरोप लगाया कि शहीदों को याद करने के कार्यक्रम से एक दिन पहले शनिवार रात बीरचंद्र मनु के पास पटीचेरा स्थित पार्टी कार्यालय में आग लगा दी गई।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘शनिवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने बीरचंद्र मनु में आतंक जैसा माहौल बना दिया था। पार्टी कार्यकर्ताओं का एक बड़ा समूह पटीचेरा गया, पार्टी कार्यालय पर पेट्रोल डाला और उसे आग लगा दी। इससे पहले सत्तारूढ़ पार्टी के लोगों ने पार्टी कार्यालय पर हमला किया था।’
हालांकि, पार्टी ने रविवार को बीरचंद्र मनु को छोड़कर पूरे राज्य में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करके ‘शहीद दिवस’ मनाया।
भाषा प्रचेता वैभव
वैभव

Facebook


