माकपा नेता ने केजरीवाल से मुलाकात में ईसी विवाद, विजयन के खिलाफ ईडी की कार्रवाई पर चर्चा की

माकपा नेता ने केजरीवाल से मुलाकात में ईसी विवाद, विजयन के खिलाफ ईडी की कार्रवाई पर चर्चा की

माकपा नेता ने केजरीवाल से मुलाकात में ईसी विवाद, विजयन के खिलाफ ईडी की कार्रवाई पर चर्चा की
Modified Date: September 27, 2026 / 05:37 pm IST
Published Date: September 27, 2026 5:37 pm IST

नयी दिल्ली, 27 सितंबर (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एमए बेबी ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब विपक्षी दलों ने निर्वाचन आयोग के कामकाज और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी विवाद के बीच अपनी प्रतिक्रिया में तालमेल बैठाने के प्रयास तेज कर दिए हैं।

इससे पहले, बेबी ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) के घटक दलों और गैर-राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) पार्टियों को एसआईआर प्रक्रिया पर तीन-सदस्यीय निर्वाचन आयोग में मतभेद से जुड़ी खबरों के बाद के घटनाक्रमों पर संयुक्त चर्चा के लिए पत्र लिखा था।

सूत्रों के मुताबिक, बेबी इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी से बात कर चुके हैं, जो इस बात पर सहमत हैं कि हालात को देखते हुए मिलकर कदम उठाने की जरूरत है।

माकपा की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मुलाकात के दौरान बेबी और केजरीवाल ने पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य और केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज को लेकर ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर के बाद के घटनाक्रमों पर चर्चा की।

बयान के अनुसार, बेबी ने उस “असाधारण स्थिति” का जिक्र किया, जिसमें निर्वाचन आयोग और भारतीय लोकतंत्र की विश्वसनीयता दांव पर लगी हुई है। उन्होंने संवैधानिक मूल्यों और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए तत्काल मिलकर कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

बेबी और केजरीवाल की मुलाकात विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की 30 सितंबर को नयी दिल्ली में प्रस्तावित बैठक से पहले हुई है, जिसमें निर्वाचन आयोग के कामकाज, एसआईआर प्रक्रिया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग सहित विपक्ष की आगे की रणनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है।

‘इंडियन एक्सप्रेस’ में 23 सितंबर को छपी खबर में कहा गया है कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीने में एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े फैसलों और आदेशों पर 14 बार औपचारिक रूप से आपत्ति दर्ज कराई थी।

निर्वाचन आयोग ने कहा है कि संस्थागत चर्चाओं में अलग-अलग विचार जाहिर किया जाना सामान्य बात है। आयोग ने यह भी कहा है कि उसके आदेशों को कानूनी मान्यता प्राप्त है और वे कानूनी प्रक्रियाओं के अनुरूप हैं।

बेबी ने विपक्षी दलों को लिखे पत्र में ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाक्रमों ने निर्वाचन आयोग के कामकाज और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने पार्टियों से आग्रह किया कि वे इस मामले पर तुरंत विचार-विमर्श करें और लोकतांत्रिक मूल्यों तथा नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए मिलकर काम करें।

भाषा पारुल नरेश

नरेश


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