माकपा नेता सुधाकरन ने पार्टी की सदस्यता नवीनीकृत नहीं कराने का फैसला किया

माकपा नेता सुधाकरन ने पार्टी की सदस्यता नवीनीकृत नहीं कराने का फैसला किया

माकपा नेता सुधाकरन ने पार्टी की सदस्यता नवीनीकृत नहीं कराने का फैसला किया
Modified Date: March 4, 2026 / 05:13 pm IST
Published Date: March 4, 2026 5:13 pm IST

अलप्पुझा (केरल), चार मार्च (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री जी सुधाकरन ने बुधवार को कहा कि उन्होंने अपनी पार्टी की सदस्यता को नवीनीकृत नहीं करने का फैसला किया है।

सुधाकरन ने एक विस्तृत फेसबुक पोस्ट में माकपा के राज्य और जिला नेतृत्व द्वारा उनके प्रति दिखाई जा रही कथित उपेक्षा पर खुले तौर पर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि वह पार्टी में बने रहकर नेताओं के लिए असुविधा पैदा नहीं करना चाहते हैं।

हालांकि, दिग्गज वाम नेता ने इस पोस्ट में खुलकर यह नहीं कहा कि वह सत्तारूढ़ पार्टी छोड़ेंगे या किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होंगे।

कभी पूर्व मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन के धुर समर्थक रहे सुधाकरन ने 2016 से 2021 तक पहली पिनाराई विजयन सरकार में लोक निर्माण मंत्री के रूप में कार्य किया था।

पिछले कुछ समय से माकपा नेतृत्व के साथ उनके अच्छे संबंध नहीं हैं और वह पार्टी के कुछ नेताओं की खुलकर आलोचना करने के लिए कई बार सुर्खियों में रहे हैं।

माकपा के साथ दशकों पुराने संबंधों को खत्म करने का फैसला उन्होने ऐसे समय किया है जब राज्य विधानसभा चुनाव के मुहाने पर खड़ा है।

सुधाकरन ने कहा कि उन्होंने 2026 की सदस्यता की छानबीन प्रक्रिया के दौरान अपनी पार्टी की सदस्यता को नवीनीकृत करने के लिए कोई आवेदन जमा नहीं किया है, और इसलिए उन्हें सदस्यता राशि का भुगतान नहीं करना होगा।

उन्होंने कहा कि उन्हें 2022 में राज्य समिति से हटा दिया गया था और तब से वह अलप्पुझा जिला समिति के तहत एक शाखा समिति के सदस्य के रूप में कार्य कर रहे हैं।

भाषा हक हक रंजन

रंजन


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