कालीगंज में उम्मीदवार चयन से नाराज माकपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की
कालीगंज में उम्मीदवार चयन से नाराज माकपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की
कालीगंज (पश्चिम बंगाल), 17 मार्च (भाषा) नादिया जिले की कालीगंज विधानसभा सीट पर उम्मीदवार चयन से नाराज मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने अपने ही पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ कर दी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, कुछ कार्यकर्ता स्थानीय पार्टी कार्यालय में घुस गए, जहां अन्य कार्यकर्ताओं के साथ उनकी झड़प हुई और फर्नीचर व दस्तावेजों को नुकसान पहुंचाया गया।
प्रदर्शनकारियों ने घोषित उम्मीदवार को बदलने की मांग की।
यह घटना सोमवार शाम को वाम मोर्चा द्वारा कालीगंज सीट से सबीना यास्मीन को उम्मीदवार घोषित किए जाने के कुछ घंटों बाद हुई।
पिछले वर्ष जून में इस सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना के दिन विजय रैली से कथित रूप से फेंके गए देसी बम से एक बच्ची की मौत हो गई थी और यास्मीन उस बच्ची की मां हैं। वह उपचुनाव तृणमूल कांग्रेस ने जीता था।
यास्मीन ने पार्टी के भीतर किसी नाराजगी से इनकार किया।
उन्होंने कहा, “मुझे इसलिए नामित किया गया क्योंकि लोग मुझे चाहते थे। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मेरा तहेदिल से स्वागत किया है। यदि कहीं असंतोष है तो वह विपक्षी ताकतों के उकसावे का परिणाम हो सकता है।”
हालांकि, तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने इस घटना में उनकी पार्टी की किसी भी संलिप्तता के आरोपों से इनकार किया।
कृष्णानगर जिला अध्यक्ष रुकबानुर रहमान ने कहा, “जो पार्टी अब केवल ‘साइनबोर्ड’ बनकर रह गई है, उसमें आंतरिक कलह का भी कोई खास असर नहीं पड़ता।”
कालीगंज की विधायक अलीफा अहमद ने भी कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता चुनावी जिम्मेदारियों और जनसंपर्क में व्यस्त हैं तथा उन्हें किसी संलिप्तता की जानकारी नहीं है।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा के लिए चुनाव 23 और 29 अप्रैल को होंगे। यह चुनाव माकपा नीत वाम मोर्चे के लिए अस्तित्व की लड़ाई माना जा रहा है।
वाम मोर्चा ने 2011 तक राज्य में लगातार 34 वर्ष शासन किया था, लेकिन 2021 के विधानसभा चुनाव में वह एक भी सीट नहीं जीत पाई थी।
भाषा खारी नरेश
नरेश

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