एआई और डीपफेक के युग में विश्वसनीयता का संकट सबसे बड़ा है: सिंधिया

एआई और डीपफेक के युग में विश्वसनीयता का संकट सबसे बड़ा है: सिंधिया

एआई और डीपफेक के युग में विश्वसनीयता का संकट सबसे बड़ा है: सिंधिया
Modified Date: May 31, 2026 / 01:00 am IST
Published Date: May 31, 2026 1:00 am IST

नयी दिल्ली, 30 मई (भाषा) केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को कहा कि औपनिवेशिक दौर में पत्रकारिता के सामने सेंसरशिप और संसाधनों की कमी जैसी चुनौतियां थीं, जबकि आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डीपफेक और फर्जी सूचनाओं के दौर में पत्रकारिता के सामने सबसे बड़ा संकट विश्वसनीयता का है।

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आज फर्जी विमर्श, डीपफेक तकनीक आदि के कारण विश्वसनीयता का संकट पैदा हुआ है।

उन्होंने कहा कि पहले कहा जाता था कि जो आंखों से दिखाई देता है, वह सच होता है, लेकिन अब सत्य की तलाश सूचना के विभिन्न स्रोतों के बीच करनी पड़ती है।

सिंधिया ने कहा कि पत्रकारिता केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवीय चेतना को संरक्षित करने का माध्यम है।

उन्होंने कहा कि ‘लाइक’ और ‘व्यूज’ पाने के लिए इस्तेमाल की जा रही तकनीक का इस्तेमाल पाठकों में जागरूकता पैदा करने और ‘पढ़ने की ललक पैदा करने’ के लिए भी किया जा सकता है।

भाषा राखी वैभव

वैभव


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