जम्मू में वीजा धोखाधड़ी मामले में अपराध शाखा ने आरोपपत्र दाखिल किया

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जम्मू में वीजा धोखाधड़ी मामले में अपराध शाखा ने आरोपपत्र दाखिल किया

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  • Publish Date - August 18, 2026 / 10:57 AM IST,
    Updated On - August 18, 2026 / 10:57 AM IST

जम्मू, 18 अगस्त (भाषा) जम्मू अपराध शाखा के विशेष अपराध प्रकोष्ठ (एससीडब्ल्यू) ने विदेश में रोजगार के लिए वीजा दिलाने के नाम पर कई लोगों से कथित तौर पर ठगी करने के मामले में एक आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

जम्मू अपराध शाखा के प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू के आरएस पुरा इलाके के पुराना पिंड निवासी कार्तिक चौधरी के खिलाफ सोमवार को अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया। इसके साथ ही, गवाहों की सूची और अन्य दस्तावेज भी पेश किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि मामला पुर्तगाल का कार्य वीजा दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायत से सामने आया था।

प्रवक्ता के अनुसार, प्रारंभिक जांच के दौरान इसी तरह के आरोप लगाने वाले सात अन्य शिकायतकर्ता भी सामने आए और उन्हें जांच में शामिल किया गया। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद आरोपी के खिलाफ औपचारिक मामला दर्ज किया गया।

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान बैंक रिकॉर्ड, चेक से संबंधित विवरण, यात्रा दस्तावेज, शिकायतकर्ताओं और गवाहों के बयान, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य तथा फोरेंसिक सामग्री की जांच की गई।

प्रवक्ता ने कहा कि आरोपी से जुड़े वित्तीय लेनदेन की भी जांच की गई। फोरेंसिक जांच में संदिग्ध हस्ताक्षरों का आरोपी के नमूना हस्ताक्षरों से मिलान होने की पुष्टि हुई।

इस बीच, अपराध शाखा ने श्रीनगर स्थित एक प्रतिष्ठान के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। प्रतिष्ठान पर शिकायतकर्ताओं से बड़ी रकम लेने के बावजूद मॉड्यूलर किचन परियोजनाओं को पूरा नहीं करने और इस तरह धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात तथा आपराधिक साजिश के आरोप हैं।

प्रवक्ता ने बताया कि यह मामला जम्मू की सैनिक कॉलोनी के एक निवासी की शिकायत पर दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, श्रीनगर निवासी सज्जाद अहमद वानी ने मेसर्स चौधरी एंटरप्राइजेज फोरम, श्रीनगर की ओर से उसके घर में मॉड्यूलर किचन लगाने के लिए उससे संपर्क किया था।

उन्होंने बताया कि जम्मू के गोल गुजराल स्थित जेएंडके बैंक की शाखा से पांच लाख रुपये का ऋण मंजूर हुआ और परियोजना को पूरा करने के लिए यह रकम संबंधित प्रतिष्ठान को हस्तांतरित कर दी गई।

हालांकि, बार-बार अनुरोध के बावजूद कथित तौर पर काम शुरू नहीं किया गया और रकम भी वापस नहीं की गई।

प्रवक्ता ने कहा कि इसी प्रतिष्ठान के खिलाफ दो अन्य लोगों से भी ऐसी ही शिकायतें मिलीं, जिनमें भुगतान प्राप्त करने के बावजूद मॉड्यूलर किचन परियोजनाएं पूरी नहीं करने का आरोप लगाया गया।

उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में शिकायतकर्ताओं के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद कानून की संबंधित धाराओं के तहत औपचारिक मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

भाषा

मनीषा

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