रांची, 11 अगस्त (भाषा) झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को आरोप लगाया कि विधानसभा के अंदर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों द्वारा लहराए गए करेंसी नोट ही उनके अस्तित्व का आधार हैं।
सोरेन की यह टिप्पणी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच आई है। भाजपा विधायकों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को नौकरी के बदले पैसे लेने के मामले से जोड़ने के प्रयास में करेंसी नोटों की गड्डियां लहराई थीं।
सोरेन ने आरोप लगाया, ‘‘हमने विधानसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया, लेकिन विपक्ष ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते इसमें बाधा डाली। भाजपा विधायकों ने विधानसभा के अंदर करेंसी नोट लहराए, लेकिन वही नोट उनके अस्तित्व और उनकी राजनीति का आधार हैं। आप सभी जानते हैं कि गरीबों, जरूरतमंदों और युवाओं की जेब से किस तरह पैसा निकाला जा रहा है।’’
विधानसभा की कार्यवाही 12 अगस्त के निर्धारित कार्यक्रम से एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने के बाद सोरेन ने सदन के बाहर पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही।
सोरेन ने आरोप लगाया, ‘‘केंद्र की नीतियों के कारण छात्रों को नौकरी गंवानी पड़ रही है और छोटे, मध्यम और बड़े प्रतिष्ठान बंद हो रहे हैं।’’
उन्होंने दावा किया कि भाजपा की पिछली सरकारों के दौरान झारखंड में अन्य राज्यों के लोगों को रोजगार मिला, जबकि अब चयनित उम्मीदवारों में से 75-100 प्रतिशत स्थानीय लोग हैं।
भाषा आशीष नरेश
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