सहयोगी के विवाह से इनकार करने पर दलित महिला चिकित्सक ने आत्महत्या की

सहयोगी के विवाह से इनकार करने पर दलित महिला चिकित्सक ने आत्महत्या की

सहयोगी के विवाह से इनकार करने पर दलित महिला चिकित्सक ने आत्महत्या की
Modified Date: January 6, 2026 / 10:53 am IST
Published Date: January 6, 2026 10:53 am IST

हैदराबाद, छह जनवरी (भाषा) तेलंगाना के सिद्दीपेट जिले के सरकारी मेडिकल कॉलेज में 23 वर्षीय दलित ‘हाउस सर्जन’ (इंटर्न डॉक्टर) ने एक वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टर द्वारा शादी का वादा कर ‘धोखा’ देने के बाद कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि जातिगत मतभेदों के कारण आरोपी द्वारा शादी से इनकार करने की बात से परेशान होकर, छात्रा ने तीन जनवरी को कॉलेज के हॉस्टल में खुद को एक शाकनाशी (हर्बीसाइड) का इंजेक्शन लगा लिया, जिससे वह बेहोश हो गई।

अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि उसके साथ रहने वाली छात्राओं ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। उसे पहले सिद्दीपेट के एक अस्पताल में और बाद में हैदराबाद के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चार जनवरी की तड़के इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

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पुलिस के अनुसार, पीड़िता की बहन द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

उसने बताया कि जोगुलंबा-गडवाल जिले के एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली छात्रा ने सोशल वेलफेयर स्कूल से पढ़ाई की थी और बाद में 2020 में सिद्दीपेट के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिला लिया था।

पुलिस ने बताया कि वह पढ़ाई और खेलकूद में उत्कृष्ट थी। उसके माता-पिता मजदूर हैं, जबकि उसकी बड़ी बहन एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है।

पुलिस के अनुसार, 23 वर्षीय छात्रा सिद्दीपेट के सरकारी मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप कर रही थी, जहां पिछले साल जुलाई में उसकी मुलाकात आरोपी वरिष्ठ रेजिडेंट से हुई थी।

पुलिस ने बताया कि पिछड़ा वर्ग से ताल्लुक रखने वाले आरोपी ने उससे शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में जाति का हवाला देकर इनकार कर दिया, जिसके बाद छात्रा ने यह कदम उठाया।

भाषा सुमित मनीषा

मनीषा


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