यमुना किनारे घाटों के पुनर्विकास में ‘आध्यात्मिक पर्यटन’ को शामिल करे डीडीए : उपराज्यपाल
यमुना किनारे घाटों के पुनर्विकास में 'आध्यात्मिक पर्यटन' को शामिल करे डीडीए : उपराज्यपाल
नयी दिल्ली, 30 अप्रैल (भाषा) दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने डीडीए को यमुना नदी के किनारे घाटों के पुनर्विकास के दौरान ‘आध्यात्मिक पर्यटन’ के तत्वों को शामिल करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
हाल ही में संधू ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के अधिकारियों के साथ कश्मीरी गेट क्षेत्र के पास स्थित यमुना बाजार और उसके घाटों के कायाकल्प तथा मरम्मत कार्य को लेकर बैठक की।
उपराज्यपाल ने कहा, “मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पुनर्स्थापन योजना को और बेहतर बनाया जाए तथा इसमें आध्यात्मिक पर्यटन, हरित क्षेत्र का विस्तार और स्थानीय निवासियों के लिए सतत आजीविका के अवसर से जुड़े तत्व शामिल किए जाएं।”
इस महीने की शुरुआत में संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना बाजार क्षेत्र का दौरा किया था और कहा था कि पल्ला से कालिंदी कुंज तक यमुना के बाढ़ क्षेत्र को वासुदेव घाट क्षेत्र की तर्ज पर पर्यावरण के अनुकूल क्षेत्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।
पिछले वर्ष मई में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शहर में अपनी सरकार के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर वासुदेव घाट पर यमुना आरती की थी।
राष्ट्रीय राजधानी में यमुना नदी की कुल लंबाई लगभग 55 किलोमीटर है। पिछली यात्रा के दौरान, उपराज्यपाल ने डीडीए को इस महत्वपूर्ण विरासत क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए एक व्यापक योजना तैयार करने का निर्देश दिया था।
अधिकारियों के अनुसार, यमुना बाढ़क्षेत्र पुनर्जीवन योजना के तहत वर्तमान में डीडीए लगभग 1,660 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करने वाली 11 परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिसका आगे विस्तार किया जाएगा।
भाषा रवि कांत रवि कांत संतोष
संतोष

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