छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में गतिरोध कायम, परीक्षा विधेयक पर नहीं हो सकी चर्चा

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में गतिरोध कायम, परीक्षा विधेयक पर नहीं हो सकी चर्चा

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में गतिरोध कायम, परीक्षा विधेयक पर नहीं हो सकी चर्चा
Modified Date: July 27, 2026 / 09:21 pm IST
Published Date: July 27, 2026 9:21 pm IST

नयी दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) नीट मुद्दे पर पिछले सप्ताह दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सोमवार को संसद के दोनों सदनों में विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया और इस वजह से प्रश्नपत्र लीक पर रोक के लिए कड़े प्रावधान वाले विधेयक पर लोकसभा में चर्चा शुरू नहीं हो सकी।

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मामले में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों के हंगामे की वजह से लोकसभा की बैठक तीन बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं, राज्यसभा में भी गतिरोध की स्थिति बनी रही और कार्यवाही चार बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

लोकसभा में सरकार ने कांग्रेस पर परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ कड़े प्रावधान वाले लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा नहीं होने देने का आरोप लगाया।

लोकसभा की बैठक पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने पर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे को लेकर और गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग करते हुए हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।

लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला ने आसन के समीप हंगामा कर रहे कुछ विपक्षी सदस्यों को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी जो सदन की मर्यादाओं और परंपराओं को समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं।

लोकसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद जब दोपहर 12 बजे आरंभ हुई तो विपक्षी सदस्यों ने फिर से नारेबाजी शुरू कर दी।

इसी बीच, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया।

हंगामा नहीं थमने पर बिरला ने दोपहर 12 बजकर आठ मिनट पर सदन की बैठक अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

दो बजे बैठक शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से विधेयक पर चर्चा में भाग लेने का आग्रह किया और सत्तापक्ष और विपक्ष से इस मुद्दे पर मिलकर सहमति बनाने की अपील भी की।

अध्यक्ष ने कहा, ‘‘हम इस विषय पर चर्चा चाहते हैं। मैं आपको तीन घंटे का समय देता हूं। शाम को पांच बजे तक सरकार और सभी दल मिलकर सहमति बनाएं, ताकि पांच बजे इस विधेयक पर चर्चा शुरू हो सके।’’

इसके बाद उन्होंने कार्यवाही शाम पांच बजे तक स्थगित कर दी।

इससे पहले उन्होंने कहा, ‘‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 हमारे देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य, उनकी मेहनत और उनकी आकांक्षाओं से जुड़ा अत्यधिक महत्वपूर्ण विधेयक है। यह विधेयक प्रश्नपत्र लीक जैसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने, दोषियों के विरुद्ध कठोर दंड प्रावधान कर करोड़ों युवाओं के हितों की रक्षा की दिशा में अहम कदम है।’’

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा, ‘‘यह इतना महत्वपूर्ण विधेयक है और इस पर इतने अधिक संशोधन के नोटिस आए हैं जिसका मतलब है कि कई सदस्य इस महत्वपूर्ण विधेयक पर अपना विचार रखना चाहते हैं।’’

उन्होंने आसन के समीप प्रदर्शन कर रहे विपक्षी सांसदों की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘फिर चर्चा रोकने के लिए नारेबाजी क्यों कर रहे है। युवाओं की इस पर नजर है। ऐसे महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा रोककर ये गलत संदेश दे रहे हैं। कांग्रेस से अनुरोध है कि अपने साथियों को समझाएं और चर्चा शुरू करें।’’

शाम पांच बजे बैठक शुरू होने पर रीजीजू ने कहा कि सारे सदस्य तैयारी के साथ आए हैं और विपक्ष के कई सदस्यों ने भी संशोधन के नोटिस दिए हैं तथा वे भी तैयारी के साथ आए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘फिर भी कांग्रेस और उसके कुछ साथी इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा नहीं होने दे रहे। कांग्रेस के लोग ऐसा काम नहीं करें। पहले ही उनकी (पार्टी की) छवि खराब हो गई है। (इसे) और बदनाम होने का काम नहीं करें।’’

पीठासीन सभापति कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी ने विपक्षी सदस्यों से चर्चा शुरू कराने में सहयोग करने का आग्रह किया और अपनी अपील का असर नहीं होते देख कार्यवाही कुछ मिनट बाद ही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।

उधर, उच्च सदन में भी विपक्षी सदस्यों ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर हंगामा किया। हंगामे के कारण बैठक दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

दोपहर 12 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्षी सांसदों ने फिर छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। सदस्यों ने इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग की।

हंगामे के कारण सभापति राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

दो बजे बैठक शुरू होने पर उपसभापति हरिवंश ने राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक 2026 पर चर्चा शुरू कराने का प्रयास किए। लेकिन सदन में हंगामा जारी रहा और बैठक अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

यह विधेयक उच्च सदन में शुक्रवार को पेश किया गया था। इस विधेयक के प्रावधानों के तहत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन के दौरान किसी भी तरह का व्यवधान डालना या उसका अपमान आपराधिक कृत्य माना जायेगा और इसके लिए तीन वर्ष तक की सजा हो सकती है।

अपराह्न तीन बजे बैठक शुरू होने पर भी सदन में शोरगुल नहीं थमा और विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा और बैठक शाम सवा पांच बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

शाम सवा पांच बजे बैठक शुरू होने पर भी विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा। हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि विपक्षी सदस्यों ने कार्य मंत्रणा समिति में राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक 2026 पर चर्चा करने पर सहमति जताई थी। ‘‘लेकिन अब इस पर चर्चा नहीं कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा ‘‘नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सदन में मौजूद हैं। आप वरिष्ठ सदस्य हैं। आप अपनी पार्टी के सदस्यों को समझाइये जो हंगामा कर रहे हैं। बाहर जा कर आप कहते हैं कि हमें सदन में बोलने नहीं दिया जाता। लेकिन यहां आपसे हम अनुरोध कर रहे हैं फिर भी आप चर्चा में हिस्सा नहीं ले रहे।’’

खरगे ने कहा ‘‘हम सदन में चर्चा के लिए तैयार हैं लेकिन हम चाहते हैं कि गृह मंत्री सदन में आएं और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर बयान दें।’’

हंगामे की वजह से उपसभापति हरिवंश ने कुछ देर बाद ही बैठक को मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ और नीट प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण पिछले सप्ताह एक भी दिन सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाए।

भाषा

अविनाश मनीषा वैभव अविनाश सुभाष

सुभाष


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