तिरुवनंतपुर, 14 अप्रैल (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कन्नूर के अंजराकांडी निजी मेडिकल कॉलेज में बीडीएस प्रथम वर्ष के छात्र की कथित आत्महत्या को ‘‘दर्दनाक और अस्वीकार्य’’ बताया तथा मंगलवार को कहा कि केरल जैसे प्रगतिशील राज्य में ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि एक प्रतिभाशाली छात्र को मौत के मुंह में धकेलना अक्षम्य है। उन्होंने कहा कि पूरा राज्य पीड़ित परिवार के साथ है।
तिरुवनंतपुरम जिले के पुथुकुलांगरा के उझलक्कल निवासी नितिन राज आर.एल. 10 अप्रैल की दोपहर को एक इमारत से गिरने के बाद मेडिकल कॉलेज के पास गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था और बाद में उसकी मौत हो गई।
नितिन के परिजन ने आरोप लगाया कि संकाय के दो सदस्यों द्वारा उसका भावनात्मक रूप से उत्पीड़न किया गया था, जिसके बाद ‘डेंटल एनाटॉमी’ विभाग के प्रमुख एम. के. राम और एसोसिएट प्रोफेसर के. टी. संगीता नाम्बियार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
इसके अलावा पुलिस ने इस घटना के संबंध में अज्ञात ऋण ऐप संचालकों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है, क्योंकि उसने एक ऑनलाइन ऐप के माध्यम से ऋण लिया था।
भुगतान में चूक होने के बाद ऐप संचालकों ने सहायक प्राध्यापक से कथित तौर पर संपर्क किया था।
पीड़ित की बहन ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि ऋण की किस्तें न चुका पाना उसके भाई की मौत का कारण नहीं था।
उसने अपने भाई की मौत का आरोप राम पर लगाते हुए कहा, ‘‘वहां कुछ और ही हुआ था। हम उसकी मौत को केवल ऋण न चुका पाने के मामले तक सीमित नहीं रहने देंगे। अगर मेरे भाई को न्याय नहीं मिला, तो हममें से कोई भी जीवित नहीं रहेगा।’’
केरल यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (केयूएचएस) के कुलपति मोहनन कुन्नुमल ने कहा कि घटना और मेडिकल कॉलेज की पृष्ठभूमि की व्यापक जांच की जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘इस मामले में केयूएचएस द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हम इस बात पर भी विचार करेंगे कि क्या ऐसे कॉलेजों को अपना संचालन जारी रखना चाहिए।’’
इसी बीच मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) से संबद्ध डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) के कार्यकर्ताओं ने कन्नूर में राम के क्लीनिक तक विरोध मार्च निकाला।
भाषा यासिर अविनाश
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