नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की मौत: चिकित्सीय लापरवाही की जांच के लिए अधिकारियों ने जिलों का दौरा किया
नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की मौत: चिकित्सीय लापरवाही की जांच के लिए अधिकारियों ने जिलों का दौरा किया
गुमला (झारखंड), 29 सितंबर (भाषा) झारखंड में सामूहिक दुष्कर्म और हमले की पीड़ित 13 वर्षीय लड़की को चिकित्सा सुविधा देने में कथित देरी की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित दो सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति ने गुमला और सिमडेगा जिलों का दौरा किया। इस लड़की की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि इस समिति में स्वास्थ्य विभाग की विशेष सचिव नेहा अरोड़ा और झारखंड सशस्त्र पुलिस की कमांडेंट सरोजिनी लकड़ा शामिल हैं। शनिवार को पीड़िता की मौत होने के बाद समिति का गठन रविवार रात किया गया था। दोनों अधिकारियों ने सोमवार को दोनों जिलों में उस जगह का दौरा किया जहां कथित अपराध हुआ था।
समिति लड़की को इलाज उपलब्ध कराने में हुई कथित देरी की जांच कर रही है। लड़की की मौत शनिवार को रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में हुई थी।
गुमला के पुलिस अधीक्षक (एसपी) हारिस बिन जमां ने बताया कि दो सदस्यीय समिति ने घटनास्थल का दौरा किया, परिवार और ग्रामीणों से बात की और कोलेबिरा, सिमडेगा एवं गुमला में स्वास्थ्य परीक्षण से संबंधित दस्तावेजों की जांच की।
वे सोमवार शाम रांची लौट आए और कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया।
शुक्रवार को गुमला के पालकोट थाने में पीड़िता के पिता की ओर से दर्ज कराई गई पुलिस शिकायत के अनुसार उनकी बेटी एक रात पहले अपने घर के बाहर बेहोशी की हालत में मिली थी।
अपनी शिकायत में पिता ने आरोप लगाया कि अज्ञात लोगों ने उनकी बेटी से सामूहिक दुष्कर्म किया और बेरहमी से मारपीट की।
पिता ने पुलिस को बताया, ‘‘लड़की को सिमडेगा सदर अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां के चिकित्सकों ने उसे गुमला रेफर कर दिया। गुमला के सदर अस्पताल से उसे बेहतर इलाज के लिए रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) रेफर किया गया।’’
पालकोट के थाना प्रभारी अंकित राज ने बताया कि शनिवार को रिम्स में इलाज के दौरान लड़की की मौत हो गई।
उन्होंने कहा, ‘‘जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी उपलब्ध नहीं हुई है। इसलिए मामले को लेकर कोई ठोस बयान नहीं दिया जा सकता।’’
भाषा सुरभि मनीषा
मनीषा

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