सड़क पर प्रदर्शन के बजाय किसान चर्चा के लिए दिल्ली आएं : प्रह्लाद जोशी
सड़क पर प्रदर्शन के बजाय किसान चर्चा के लिए दिल्ली आएं : प्रह्लाद जोशी
हुब्बली (कर्नाटक), 29 सितंबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार को कर्नाटक के गन्ना किसानों से अपील की कि वे अधिक उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) की अपनी मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन करने के बजाय चर्चा के लिए दिल्ली आएं। उन्होंने कहा कि केंद्र उनकी शिकायतें सुनने के लिए तैयार है।
जोशी की यह अपील ऐसे समय आई है जब कर्नाटक राज्य रैता सेना ने हुब्बली में प्रदर्शन की योजना बनाई है। किसान गन्ने का लाभकारी मूल्य बढ़ाने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग को लेकर जोशी के आवास और कार्यालय तक मार्च निकालेंगे।
जोशी ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप किसी भी समय दिल्ली आकर हमसे चर्चा करें। मैं एक बार फिर अपील करता हूं कि किसी को भी सड़कों पर प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं है। अगर आप आएंगे तो हम आपसे इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।’’
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री ने कहा कि इस साल फरवरी में किसान नेताओं ने उनसे मुलाकात कर गन्ने के एफआरपी में वृद्धि की मांग की थी, जिसके बाद केंद्र ने मई में इसमें 365 रुपये की बढ़ोतरी की।
उन्होंने कहा, ‘‘सबसे पहले, फरवरी 2026 में कुछ किसान नेता संयोग से उस समय मुझसे मिले थे जब मैं एक कार्यक्रम के लिए जा रहा था। उन्होंने गन्ने के उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) में वृद्धि का अनुरोध किया था।’’
जोशी ने कहा कि उन्होंने उस समय प्रतिनिधिमंडल को बताया था कि नरेन्द्र मोदी सरकार हर साल एफआरपी में वृद्धि करती रही है और आगे भी ऐसा करती रहेगी।
उन्होंने कहा कि कुछ किसानों को अब ऐसा लग रहा है कि उनकी मांग पर विचार नहीं किया गया क्योंकि मई में वृद्धि के बाद उनसे कोई और चर्चा नहीं हुई।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘मैं सभी को विनम्रतापूर्वक बताना चाहता हूं कि हर साल की तरह इस साल भी हमने यह किया है। प्रदर्शन कर रहे किसानों और अन्य वर्गों ने मांग की थी और हमने उस पर कार्रवाई की।’’
जोशी ने यह भी बताया कि एफआरपी का निर्धारण केवल केंद्र सरकार नहीं करती है, बल्कि इसमें मूल्य निर्धारण समिति और राज्य सरकार के सुझावों को भी शामिल किया जाता है।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य स्तर पर गन्ना आयुक्त होते हैं। हम राज्य सरकार से विस्तृत जानकारी लेते हैं और एफआरपी तय करते समय उसकी सिफारिशों को ध्यान में रखते हैं। यह पूरे देश में लागू प्रक्रिया है।’’
मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के साथ आगे भी बातचीत के लिए तैयार है और किसान नेताओं तथा अधिकारियों के बीच दिल्ली में सीधी बातचीत की व्यवस्था कर सकती है।
जोशी ने कहा कि सरकार किसानों की चिंताओं को गंभीरता से लेगी क्योंकि सरकारें किसानों के सहयोग और समर्थन पर निर्भर करती हैं।
मंत्री ने संकेत दिया कि मौजूदा चक्र में गन्ने के उचित मूल्य की मांग पर सरकार विचार करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने हर साल एफआरपी बढ़ाई है और इस साल भी ऐसा करेगी।
यह अपील कर्नाटक राज्य रैता सेना की बुधवार को हुब्बली में बड़े प्रदर्शन की घोषणा की पृष्ठभूमि में आई है।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जोशी के आवास और कार्यालय के पास बैरिकेड लगाए गए हैं। कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के किसानों एवं संगठनों के नेताओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
भाषा मनीषा वैभव
वैभव

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