आंध्र प्रदेश में मिलावटी दूध के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हुई, सात का इलाज जारी

आंध्र प्रदेश में मिलावटी दूध के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हुई, सात का इलाज जारी

आंध्र प्रदेश में मिलावटी दूध के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हुई, सात का इलाज जारी
Modified Date: March 12, 2026 / 01:03 pm IST
Published Date: March 12, 2026 1:03 pm IST

राजमहेंद्रवरम (आंध्र प्रदेश), 12 मार्च (भाषा) आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में संदिग्ध रूप से मिलावटी दूध पीने के कारण मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है और सात अन्य लोगों का राजमहेंद्रवरम के अस्पतालों में इलाज जारी है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस मामले का पता सबसे पहले 22 फरवरी को चला था जब कई बुजुर्ग व्यक्तियों को पेशाब न आना, उल्टी, पेट दर्द और अन्य दिक्कतों के कारण अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।

लालाचेरुवु के चौडेश्वरनगर और स्वरूपनगर इलाकों के निवासी कथित तौर पर मिलावटी दूध पीने के बाद बीमार पड़ गए।

अधिकारी ने कहा, ‘‘पूर्वी गोदावरी जिले में संदिग्ध मिलावटी दूध मामले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है और सात लोगों का राजमहेंद्रवरम के अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है।’

प्राधिकारियों ने कहा कि महामारी विज्ञान संबंधी पुख्ता साक्ष्य दूध में मिलावट को संभावित कारण के रूप में इंगित करते हैं तथा विभिन्न विभागों ने इस मामले में समन्वित कार्रवाई शुरू कर दी है।

उन्होंने बताया कि नैदानिक ​​जांच में रक्त में यूरिया और ‘सीरम क्रिएटिनिन’ का स्तर बढ़ा हुआ पाया गया जो विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आने का संकेत देता है।

प्रारंभिक जांच में पता चला कि दूध का सेवन ही विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आने का मुख्य स्रोत था। ऐसा बताया जा रहा है कि कोरुकोंडा मंडल के नरसपुरम गांव में स्थित वरलक्ष्मी मिल्क डेरी 106 परिवारों को दूध की आपूर्ति करती है। आपूर्ति को तुरंत रोक दिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि इलाके में आपातकालीन चिकित्सा शिविर स्थापित किए गए हैं और चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों का एक दल तैनात किया गया है।

डेरी से आवश्यक नमूने लिये गए हैं और संदिग्ध दूध विक्रेता अड्डाला गणेश्वरराव (33) को हिरासत में लिया गया है। डेरी को सील कर दिया गया है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

भाषा सिम्मी वैभव

वैभव


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