हिमाचल प्रदेश में बारिश से जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 72 हुई

हिमाचल प्रदेश में बारिश से जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 72 हुई

हिमाचल प्रदेश में बारिश से जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 72 हुई
Modified Date: August 17, 2023 / 05:38 pm IST
Published Date: August 17, 2023 5:38 pm IST

शिमला, 17 अगस्त (भाषा) हिमाचल प्रदेश के शिमला में समर हिल के समीप शिव मंदिर के मलबे से एक और शव बरामद होने के साथ ही बारिश से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बृहस्पतिवार को बढ़कर 72 हो गयी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के गणित विभाग के प्रमुख, प्रोफेसर पीएल शर्मा के रूप में हुई।

अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को जब मंदिर में भूस्खलन हुआ था उस समय वहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी थी। उन्होंने बताया कि मलबे में अभी भी आठ लोगों के दबे होने की आशंका है।

हिमाचल प्रदेश में रविवार से भारी बारिश हो रही है, जिससे शिमला सहित कई जिलों में भूस्खलन हुआ है। राज्य में बारिश से संबंधित घटनाओं में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 72 हो गई है, जिसमें अकेले शिमला में 21 मौतें हुई हैं।

शिमला के पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘बुधवार को एक और शव मिला, जिससे शिमला में समरहिल, फागली और कृष्णा नगर में भूस्खलन की तीन घटनाओं में मरने वालों की संख्या 21 तक पहुंच गई है।’

गांधी ने बताया कि समर हिल और कृष्णा नगर इलाके में बचाव अभियान जारी है। उन्होंने बताया कि अब तक समर हिल से 14 शव, फागली से पांच शव और कृष्णा नगर से दो शव बरामद किए गए हैं।

प्रमुख सचिव (राजस्व) ओंकार चंद शर्मा ने बुधवार को कहा कि मानसून मौसम के दौरान हुआ नुकसान 7,500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

शिमला (शहरी) उप जिलाधिकारी (एसडीएम) भानु गुप्ता ने भारी बारिश के कारण सड़कें अवरुद्ध होने तथा लगातार भूस्खलन की सूचना मिलने की वजह से बृहस्पतिवार को शिमला शहरी विधानसभा क्षेत्र के सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने के आदेश जारी किए थे।

बारिश और भूस्खलन की वजह से राज्य में कम से कम 650 सड़कें अवरुद्ध हो गई तथा 1,135 ट्रांसफार्मर और 285 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हो गईं।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पीटीआई-भाषा के साथ एक साक्षात्कार में कहा था कि मॉनसून में भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हुए बुनियादी ढांचों के पुननिर्माण में एक साल का समय लगेगा।

सुक्खू ने दावा किया था कि पिछले महीने जुलाई और इस सप्ताह हुई भारी बारिश की वजह से राज्य में अनुमानित 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों और जल परियोजनाओं के पुनर्निर्माण में समय लगता है। लेकिन सरकार इस प्रक्रिया में तेजी ला रही है।

उन्होंने कहा, ‘हमें एक साल के भीतर बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से बहाल करना होगा। मैं इसी को ध्यान में रखकर काम कर रहा हूं।”

उन्होंने कहा था कि, ”यह एक बड़ी चुनौती है, पहाड़ जैसी चुनौती।”

भाषा साजन माधव

माधव


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