बहस, चर्चा और असहमति का उद्देश्य निर्णय पर पहुंचना होना चाहिए: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

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बहस, चर्चा और असहमति का उद्देश्य निर्णय पर पहुंचना होना चाहिए: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

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  • Publish Date - March 28, 2026 / 12:45 AM IST,
    Updated On - March 28, 2026 / 12:45 AM IST

नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने शुक्रवार को कहा कि व्यवधान पैदा करने की बजाए, चर्चा, बहस और यहां तक ​​कि असहमति जताने का उद्देश्य राष्ट्रहित में निर्णय पर पहुंचना होना चाहिए।

‘इंडियन एक्सप्रेस’ द्वारा आयोजित ‘आरएनजी एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म अवार्ड्स’ में राधाकृष्णन ने यह भी कहा कि निष्पक्षता के नाम पर परस्पर विरोधी बयान साथ-साथ प्रकाशित किए जाते हैं। लेकिन दोनों सत्य नहीं हो सकते और केवल सत्य ही प्रकाशित किया जाना चाहिए।

उन्होंने टिप्पणी की थी कि व्यवधान की बजाए असहमति और बहस सामान्य बात होनी चाहिए। संसद के जारी बजट सत्र में विपक्षी सदस्यों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर किए गए व्यवधानों के कारण बार-बार सदन के स्थगित किए जाने के दौरान उनकी यह टिप्पणी महत्वपूर्ण है।

उपराष्ट्रपति होने के नाते राधाकृष्णन राज्यसभा के सभापति हैं।

इस अवसर पर ‘इंडियन एक्सप्रेस’ समूह के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक विवेक गोयनका ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता पत्रकारों की जगह नहीं ले सकती, क्योंकि पत्रकारों को संशय में पड़े स्रोत से सीधे बात करके उसका विश्वास जीतना होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारों को पाठकों की भाषा में बात करनी चाहिए।

भाषा यासिर संतोष

संतोष