naxali surrender/ image source: IBC24
Kanker Naxal Surrender: कांकेर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। यहां तीन नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला करते हुए आत्मसमर्पण कर दिया है। देखा जा रहा है कि, राज्य में लगातार नक्सली सरेंडर कर रहे हैं। इससे पहले, कांकेर जिला अंतर्गत दो दिनों में राजनांदगांव–कांकेर बॉर्डर डिवीजन के 05 माओवादी कैडर और मिलिट्री कंपनी-05 के 01 कैडर ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला लेते हुए आत्मसमर्पण किया।
सरेंडर करने वालों की पहचान संगीता कुंजाम, संजू और लखमू के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियान और सरकार की पुनर्वास नीति का असर अब साफ दिखाई देने लगा है, जिसके चलते नक्सली संगठन से जुड़े लोग आत्मसमर्पण कर रहे हैं। बता दें कि, इन तीनों ने परतापुर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तीनों नक्सलियों ने बिना किसी हथियार के सरेंडर किया। कई वारदातों को अंजाम दे चुके थे।
नक्सल कमांडर पापराव के आत्मसमर्पण के बाद छत्तीसगढ़ में अब कोई भी बड़ा नक्सली लीडर नहीं बचा है। इसी वजह से ऐसा माना जा रहा है कि, अब प्रदेश में नक्सलवाद लगभग खत्म हो चुका हैं। पापराव के सरेंडर के बाद कुछ दिनों पहले, कांकेर जिला अंतर्गत दो दिनों में राजनांदगांव–कांकेर बॉर्डर डिवीजन के 05 माओवादी कैडर और मिलिट्री कंपनी-05 के 01 कैडर ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला लेते हुए आत्मसमर्पण किया। (Kanker Naxal Surrender News) आत्मसमर्पण करने वालों में परतापुर एरिया कमेटी की स्वरूपा उसेंडी के ऊपर 8 लाख और अन्य नक्सलियों पर 5-5 लाख का इनाम घोषित था। कुल 33 लाख के इनामी माओवादियों ने एसपी के सामने सरेंडर किया।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में सीएम मंगेश पोडियमी, एसीएम गणेश वीके, एसीएम मंगती जुर्री, एसीएम हिडमे मरकाम उर्फ सुनीता, एसीएम राजे और पीपीसीएम स्वरूपा उसेंडी शामिल है। इन नक्सलियों ने तीन हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया। (Naxal Surrender News) आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली अपने साथ 01 नग एसएलआर और दो नग 303 राइफल लेकर पहुंचे थे।
बस्तर रेंज आईजी सुंदरराज पी. ने बचे हुए नक्सलियों को हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है। आईजी सुंदरराज पी. ने कहा कि, जो कैडर शांतिपूर्ण एवं सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आगे आएंगे, उन्हें पुनर्वास नीति के अंतर्गत सभी प्रकार की सहायता प्रदान की जाएगी। (Kanker Naxal Surrender News) यह उल्लेखनीय है कि, सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर पिछले 26 महीनों में 2700 से अधिक माओवादी कैडर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं।
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