छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी रद्द किए जाने के फैसले का दीपके ने किया स्वागत

Ads

छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी रद्द किए जाने के फैसले का दीपके ने किया स्वागत

  •  
  • Publish Date - September 1, 2026 / 05:49 PM IST,
    Updated On - September 1, 2026 / 05:49 PM IST

छत्रपति संभाजीनगर, एक सितंबर (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देशभर में नीट परीक्षाओं को लेकर हुए प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी उच्चतम न्यायालय द्वारा रद्द किए जाने के कदम का मंगलवार को स्वागत किया और इसे ‘‘पूर्ण न्याय’’ बताया।

दीपके ने यहां संवाददाताओं से कहा कि वह अदालत का धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर आंदोलन करने वाले सभी लोगों और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को न्याय मिला है।

उच्चतम न्यायालय ने 20 से 25 जुलाई के बीच देशभर में कॉजपा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी मंगलवार को रद्द कर दीं। भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने नीट प्रश्नपत्र लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को तीन महीने के भीतर मुआवजा देने का केंद्र को निर्देश भी दिया।

दीपके ने कहा, ‘‘हमारी मांगें पूरी हो गई हैं। यह पूर्ण न्याय है। (इसमें) हमें एक महीना लगा।’’

उन्होंने कहा कि यह लोगों की ताकत के कारण संभव हुआ और वह इस मुद्दे को लेकर कई प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठकें करते रहे हैं।

कॉजपा संयोजक दीपके ने नीट प्रश्नपत्र लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘मैं उन परिवारों से माफी मांगता हूं कि हम आपके बच्चों को नहीं बचा सके। हमें बहुत दुख है कि आपने अपने बच्चों को खो दिया।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नाकामी के कारण छात्रों ने अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि सरकार ने भी यह स्वीकार किया है कि आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने हमारी मांगें मान ली हैं, लेकिन उसे यह जिम्मेदारी लेनी होगी कि प्रश्नपत्र लीक होने के कारण एक भी छात्र की मौत न हो।’’

दीपके ने कहा कि सरकार को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि व्यवस्था की नाकामी के कारण किसी छात्र की जान न जाए। उन्होंने कहा, ‘‘अब हम इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकते।’’

कॉजपा के नेतृत्व में 20 जुलाई को दिल्ली में निकाले गए मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प हुई थी। संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल किया था।

छात्रों के नेतृत्व में हुए ये प्रदर्शन कई शहरों तक फैल गए थे। इनका मुख्य मुद्दा तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा था।

जंतर-मंतर पर 20 जून को शुरू हुआ आंदोलन 25 जुलाई को प्रधान के इस्तीफा देने और सरकार द्वारा कॉजपा की अन्य मांगें स्वीकार किए जाने के बाद समाप्त हो गया था।

भाषा अमित मनीषा

मनीषा