‘बलात्कारियों का बचाव करने वाले’ को शिक्षा मंत्री बनाया गया, महिलाएं स्वीकार नहीं करेंगी: राहुल

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‘बलात्कारियों का बचाव करने वाले’ को शिक्षा मंत्री बनाया गया, महिलाएं स्वीकार नहीं करेंगी: राहुल

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  • Publish Date - July 28, 2026 / 07:56 PM IST,
    Updated On - July 28, 2026 / 07:56 PM IST

नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि शिक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर युवाओं के प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक ऐसे व्यक्ति को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जो ‘‘बलात्कारियों का बचाव करता है।’’

राहुल ने लोकसभा में, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा द्वारा की गई टिप्पणी के बाद शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर निशाना साधा।

प्रियंका ने बिलकीस बानो मामले में दोषियों को जमानत मिलने से संबंधित एक अखबार में प्रकाशित खबर का हवाला देते हुए लोकसभा में जोशी को लेकर कुछ टिप्पणी की थी, जिसे सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया।

इसके बाद, संसद परिसर में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘देश में शिक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर युवाओं के प्रदर्शन के बाद भाजपा ने देश के शिक्षा मंत्री के रूप में ऐसे व्यक्ति को नियुक्त किया है, जो बलात्कारियों का बचाव करता है। इससे अधिक शर्मनाक बात नहीं हो सकती कि कोई व्यक्ति बलात्कारियों को संरक्षण दिए जाने की वकालत करे और वही आज देश का शिक्षा मंत्री हो।’’

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री का कदम अजीब है। उनके मंत्रिमंडल में इतने लोग हैं, वह किसी को भी शिक्षा मंत्री बना सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसे व्यक्ति को चुना जो बलात्कारियों का बचाव करता है।’’

बाद में, राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘बलात्कारियों का बचाव करने वाले व्यक्ति से ज़्यादा घटिया और कोई नहीं हो सकता। प्रह्लाद जोशी हमारे शिक्षा तंत्र और हर छात्र का अपमान हैं। अब वे संस्थान उनकी निगरानी में होंगे, जिनमें करोड़ों युवतियां पढ़ती हैं।’’

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की महिलाएं प्रधानमंत्री मोदी के नये शिक्षा मंत्री को कभी स्वीकार नहीं करेंगी।

प्रियंका गांधी ने जब लोकसभा में इस विषय का उल्लेख किया कि तो सत्तापक्ष के सदस्यों ने आपत्ति जताई और इसे शिक्षा मंत्री के खिलाफ निराधार तथा आपत्तिजनक टिप्पणी बताया। सदन में इस मुद्दे पर कुछ देर तक हंगामे की स्थिति भी रही।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने आपत्ति जताते हुए कहा कि नये शिक्षा मंत्री के संबंध में की गई टिप्पणी चरित्र हनन है और बिना सत्यापन के इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि यदि प्रियंका गांधी अपने आरोपों को सत्यापित नहीं कर सकतीं तो उन्हें सदन से क्षमा मांगनी चाहिए।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि बिना तथ्यों के इस तरह की बातें सदन में नहीं कही जानी चाहिए।

वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रियंका गांधी वाद्रा इस तरह कोई भी आरोप लगाकर बच नहीं सकतीं।

उन्होंने मांग की कांग्रेस सांसद सदन से माफी मांगें और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

प्रियंका गांधी ने कहा कि वह उचित माध्यम से सदन में अपनी बात सत्यापित करेंगी।

भाषा हक

हक सुभाष

सुभाष