दिल्ली : सरकारी स्कूलों के 125 पुस्तकालयों का होगा आधुनिकीकरण
दिल्ली : सरकारी स्कूलों के 125 पुस्तकालयों का होगा आधुनिकीकरण
नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) दिल्ली सरकार 2025-26 के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार 125 स्कूलों के पुस्तकालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करेगी। इन पुस्तकालयों में 20 डिजिटल उपकरण, हेडफोन, एक कियोस्क और चार्जिंग कार्ट उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसके अलावा सर्वेक्षण में यह भी सामने आया है कि पहली कक्षा से आठवीं कक्षा तक के लगभग 7.50 लाख छात्रों में सीखने की कमी (लर्निंग गैप) पाई गई है।
सर्वेक्षण में कहा गया है कि सितंबर 2025 में किए गए एक प्रारंभिक मूल्यांकन में बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक कौशल में कमियों की पहचान की गई, जिसके आधार पर शैक्षणिक हस्तक्षेप की योजना तैयार की गई है।
सर्वेक्षण के अनुसार, छात्रों को चार श्रेणियों- ‘बिगिनर’, ‘इमर्जिंग’, ‘प्रोग्रेसिव’ और ‘प्रोफिशिएंट’ – में वर्गीकृत किया गया है। दूसरी कक्षा से आठवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए मध्यावधि परीक्षाओं के बाद एससीईआरटी द्वारा विकसित ‘रेडीनेस मॉड्यूल’ के जरिए सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
ये प्रयास ‘निपुण संकल्प’ कार्यक्रम के तहत किए जा रहे हैं।
सर्वेक्षण में कहा गया कि मौजूदा शैक्षणिक सत्र में स्कूलों के 125 पुस्तकालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिनमें से प्रत्येक में 20 डिजिटल उपकरण, 20 हेडफोन, एक लाइब्रेरी कियोस्क, एक चार्जिंग कार्ट और एक प्रिंटर उपलब्ध कराया जाएगा।
इसमें कहा गया कि शिक्षा निदेशालय समावेशी शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दे रहा है, तथा वर्ष 2025 में गंभीर या गहन दिव्यांगता वाले 879 बच्चों को गृह-आधारित शिक्षा कार्यक्रम में शामिल किया गया है।
इस कदम के तहत, स्कूल से बाहर 286 बच्चों को स्कूलों की मुख्यधारा में शामिल किया गया, जबकि बौद्धिक समस्या वाले बच्चों के लिए एक कार्यात्मक पाठ्यक्रम विकसित किया गया और इसे पूर्व-प्राथमिक से आठवीं कक्षा तक के 100 स्कूलों में लागू किया गया।
सर्वेक्षण में बताया गया कि विशेष आवश्यकता वाले 46 प्रतिशत बच्चों को विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी) कार्ड मिल चुके हैं तथा ऐसे और कार्ड जारी किए जा रहे हैं। इसके मुताबिक, सरकार इस वर्ष मार्च के अंत तक 8,777 ‘स्मार्ट क्लासरूम’ स्थापित करेगी।
भाषा रवि कांत नेत्रपाल
नेत्रपाल

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