दिल्ली: ‘आप’ ने साकेत स्कूल के कथित शुल्क वृद्धि के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया

दिल्ली: ‘आप’ ने साकेत स्कूल के कथित शुल्क वृद्धि के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया

दिल्ली: ‘आप’ ने साकेत स्कूल के कथित शुल्क वृद्धि के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया
Modified Date: February 16, 2026 / 10:28 pm IST
Published Date: February 16, 2026 10:28 pm IST

नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) ने साकेत के एक निजी स्कूल द्वारा शुल्क में कथित तौर पर बढ़ोतरी के खिलाफ सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया, वहीं अभिभावकों ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों को अनुक्रमांक जारी करने में देरी पर चिंता व्यक्त की।

विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि दिल्ली के निजी स्कूलों ने पिछले साल एक अप्रैल से शुल्क में 50 से 80 प्रतिशत की वृद्धि की है और कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार ने बढ़े हुए शुल्क की वापसी सुनिश्चित करने के लिए एक नया कानून लाने का वादा किया था, लेकिन अब तक किसी भी स्कूल ने कोई राशि वापस नहीं की है।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, भारद्वाज समेत 15 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। अधिकारी ने बताया कि कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के मकसद से मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया।

भाजपा ने कहा कि रेखा गुप्ता सरकार ने अपने हस्तक्षेप और एक कानून के माध्यम से निजी स्कूलों में शुल्क वृद्धि से संबंधित उस मामले को सुलझा लिया है, जिसे ‘आप’ की सरकार 2020 में निपटाने में विफल रही थी।

भारद्वाज ने बताया कि मंगलवार से कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं, इसलिए सभी जोन के पार्षद इकट्ठा हुए, जबकि कुछ छात्रों को अपने अनुक्रमांक लेने के लिए घंटों तक स्कूलों के बाहर इंतजार करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित छात्रों में से एक राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी है।

उन्होंने दावा किया कि स्कूलों द्वारा अभिभावकों को धमकी दी जा रही थी कि अगर बढ़े हुए शुल्क का भुगतान नहीं किया गया तो उनके बच्चों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

प्रदर्शनकारियों में शामिल कक्षा 10 के एक छात्र के अभिभावक अजित अवस्थी ने कहा कि उनके बच्चे को मंगलवार को गणित की परीक्षा देनी है, लेकिन उसे अब तक प्रवेश पत्र नहीं मिला है।

उन्होंने कहा, “हम शिक्षा विभाग द्वारा स्वीकृत शुल्क का भुगतान करने के लिए तैयार हैं, लेकिन स्कूल द्वारा मांगे गए बढ़े हुए शुल्क का भुगतान नहीं करेंगे। हम चाहते हैं कि परीक्षा से पहले हमारे बच्चे को प्रवेश पत्र मिल जाए।”

इन आरोपों का जवाब देते हुए भाजपा विधायक हरीश खुराना ने एक प्रेसवार्ता में कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी के सत्ता से बाहर होने के बाद से उसके नेता जनता के जनादेश को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।

खुराना ने कहा कि शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने निर्देश दिया है कि किसी भी छात्र का भविष्य खतरे में नहीं पड़ेगा और सभी पात्र छात्रों को उनके अनुक्रमांक दिये जाएंगे।

भाषा यासिर प्रशांत

प्रशांत


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