नयी दिल्ली, नौ अप्रैल (भाषा) मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को कहा कि मानसून से पहले नालों की सफाई के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं और अधिकारियों को बारिश के मौसम में जलभराव रोकने के लिए पूरे शहर में ‘मिंटो रोड अंडरपास मॉडल’ को दोहराने का निर्देश दिया गया है।
गुप्ता ने कहा कि वह मानसून के दौरान जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए खुद शहर के विभिन्न इलाकों का दौरा करेंगी।
एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बारिश के मौसम में जलभराव की पुरानी समस्या से निपटने के प्रभावी समाधान पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक बयान के अनुसार, उन्होंने सभी विभागों को समय पर नालों से गाद निकालने का काम पूरा करने और बाढ़ की आशंका वाले ज्ञात स्थानों पर विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
अंतर-विभागीय समन्वय पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल संयुक्त और बेहतर तालमेल वाला प्रयास ही मानसून के दौरान शहर को जलभराव से निपटने में मदद करेगा।
उन्होंने ऐसी प्रणालियों की आवश्यकता पर भी जोर दिया जो पानी निकालने के लिए पंपों पर निर्भरता कम करती हों।
मुख्य सचिव राजीव वर्मा के साथ लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी), नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और दिल्ली छावनी बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी इस समीक्षा बैठक में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नालों से गाद निकालने का काम पूरा करने की समय सीमा 30 जून है और चेतावनी दी कि इस कार्य में देरी की कोई गुंजाइश नहीं है।
गुप्ता ने मिंटो रोड अंडरपास का उदाहरण देते हुए कहा कि जलभराव के लंबे इतिहास के बावजूद पिछले मानसून में वहां पानी नहीं भरा।
उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वहां लगातार निगरानी की गई और संभावित दिक्कतों को पहले ही सुलझा लिया गया। इस समस्या को निपटाने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भी मेहनत की, जिस कारण मिंटो रोड का ‘दाग’ धुल गया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा, “विभिन्न विभागों को बारिश के दौरान सड़कों, गलियों, बाजारों, कॉलोनियों आदि में सफाई पर विशेष ध्यान देना होगा। ऐसा होता रहा है कि वहां मौजूद कूड़ा नालियों को जाम कर देता है और सड़कों, चौराहों आदि पर जलजमाव हो जाता है।”
उन्होंने जोर दिया कि विभागों के बीच समन्वय की कमी से अक्सर स्थिति और खराब हो जाती है, जहां एजेंसियां एक-दूसरे पर दोषारोपण करती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति जारी नहीं रहने दी जाएगी।
गुप्ता ने कहा कि लापरवाही या दोषारोपण की किसी भी शिकायत पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और विभागों को सामूहिक जिम्मेदारी के साथ घनिष्ठ समन्वय में काम करना चाहिए।
गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जलभराव से अधिक कुशलता से निपटने के लिए जहां भी आवश्यकता हो, आधुनिक मशीनों की खरीद की जाए।
बयान के मुताबिक, एमसीडी और एनडीएमसी ने पहले से उपयोग में लाए जा रहे उपकरणों का विवरण साझा किया और मुख्यमंत्री ने अन्य विभागों को भी इसका अनुसरण करने का आग्रह किया।
उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशील स्थानों की पहले से पहचान करने और भारी बारिश के दौरान पानी को जल्दी निकालने के लिए प्रणाली दुरुस्त रखने को कहा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों से कहा कि बारिश के दौरान वे अपने इंजीनियरों और कर्मियों से लगातार संपर्क में रहें क्योंकि जलभराव का निदान उन्हें करना होता है।
भाषा नोमान नोमान अविनाश
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