दिल्ली विधानसभा ने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी

दिल्ली विधानसभा ने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी

दिल्ली विधानसभा ने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी
Modified Date: March 23, 2026 / 02:47 pm IST
Published Date: March 23, 2026 2:47 pm IST

नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) दिल्ली विधानसभा ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भारत में सबसे लंबे समय तक सरकार प्रमुख बने रहने पर बधाई दी। मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री और अब प्रधानमंत्री के रूप में 8,931 दिन पूरे कर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए भारत में सबसे लंबे समय तक सरकार के प्रमुख बनने का नया रिकार्ड कायम किया है।

अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरुआत करने वाले मोदी ने अब सार्वजनिक जीवन में 8,931 दिन की जनसेवा पूरी कर ली है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने एक संत की तरह देश की सेवा की और राष्ट्र के विकास तथा सेवा के लिए समर्पित एक जीवन जिया है। उन्होंने एक दृष्टिकोण के साथ काम किया। मैं दिल्ली के प्रत्येक नागरिक की ओर से उन्हें बधाई देती हूं। उन्होंने शासन तथा विदेश नीति के माध्यम से देश का गौरव और सम्मान बढ़ाया है।’

दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री को बधाई देने के लिए प्रस्ताव पेश किया, जिसे बाद में विधानसभा द्वारा पारित कर दिया गया।

प्रस्ताव पेश करने से पहले सूद ने कहा, ‘सत्ता को सेवा का माध्यम मानने वाले प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देने के लिए सदन को प्रस्ताव लाना चाहिए। उनसे प्रेरणा लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने पिछले वर्ष दिल्लीवासियों तक पहुंच बनाई है।’

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी को समाज के सभी वर्गों का आशीर्वाद प्राप्त है। उनका ‘विकास’ केवल कुछ शहरों और कस्बों तक सीमित नहीं रहा बल्कि यह शहर के हर वर्ग तक पहुंचा है।’

नरेन्द्र मोदी ने सात अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और वह 26 मई, 2014 तक इस पद पर बने रहे।

इसके बाद आम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 282 सीटों के साथ शानदार जीत दिलाने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली, जिससे भाजपा स्पष्ट बहुमत प्राप्त करने वाली पहली गैर-कांग्रेसी पार्टी बनी।

भाषा प्रचेता नरेश

नरेश


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