दिल्ली कैबिनेट ने अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की नीति के लिए केंद्र को धन्यवाद दिया

दिल्ली कैबिनेट ने अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की नीति के लिए केंद्र को धन्यवाद दिया

दिल्ली कैबिनेट ने अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की नीति के लिए केंद्र को धन्यवाद दिया
Modified Date: April 7, 2026 / 09:54 pm IST
Published Date: April 7, 2026 9:54 pm IST

नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट ने मंगलवार को एक बैठक में शहर की अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की नीति जारी करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हुए एक प्रस्ताव पारित किया।

गुप्ता ने कहा कि इस कदम से लाखों परिवारों को लाभ होगा और उन्हें सम्मान तथा सुरक्षा की भावना मिलेगी।

उन्होंने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार अब इन कॉलोनियों के व्यापक और नियोजित विकास की दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए मिलकर काम करेंगी, जिससे बेहतर बुनियादी ढांचा और बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित होगा।

दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक बयान के अनुसार, कैबिनेट द्वारा पारित प्रस्ताव में राजधानी की 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के ऐतिहासिक निर्णय के लिए केंद्र का आभार व्यक्त किया गया।

बयान में कहा गया कि कैबिनेट ने सर्वसम्मति से प्रधानमंत्री मोदी और शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल सहित केंद्रीय नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रस्ताव पारित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा, “दिल्ली सरकार इन क्षेत्रों के निवासियों की चिंताओं के प्रति संवेदनशील रही है। बुनियादी सुविधाओं की कमी लंबे समय से कठिनाई का कारण बनी हुई है, और इसे दूर करने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 2026-27 के बजट में 800 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।”

उन्होंने कहा कि केंद्र के फैसले ने अब विकास में तेजी लाने और निवासियों के जीवन की गुणवत्ता में ठोस सुधार का मार्ग प्रशस्त कर दिया है।

नीति के तहत, दिल्ली की 1,731 अनधिकृत कॉलोनियों में से 1,511 को ‘जहां है, जैसा है’के आधार पर नियमित किया जाएगा। इसके लिए लेआउट प्लान के किसी अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी, और सभी भूखंडों और भवनों को आवासीय माना जाएगा।

इससे करीब 45 लाख लोगों के लाभान्वित होने की उम्मीद है। नियमितीकरण की पूरी प्रक्रिया अब दिल्ली विकास प्राधिकरण के बजाय दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग द्वारा संभाली जाएगी।

बयान में कहा गया है कि आवेदन से लेकर ‘कन्वेंस डीड’ (स्वामित्व हस्तांतरण दस्तावेज़) जारी करने तक की प्रक्रिया के लिए एक स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसमें जीआईएस सर्वेक्षण रिपोर्ट के लिए सात दिन, कमियों के समाधान मेमो के लिए 15 दिन और ‘कन्वेंस डीड’ जारी करने के लिए 45 दिनों की अनिवार्य समय-सीमा शामिल है।

भाषा नोमान

नोमान माधव

माधव


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