Salim Khan alias Salim Vastik : खत्म हुआ ‘बहरूपिये’ कातिल का खेल! मार्शल आर्ट्स टीचर से मर्डरर और फिर यूट्यूबर बनने की खौफनाक दास्तां, एक पुरानी फाइल ने खोल दी पोल

दिल्ली में 1995 के चर्चित अपहरण और हत्या केस में बड़ा खुलासा हुआ है। 26 साल तक फरार रहने वाला आरोपी सलीम खान अपनी पहचान बदलकर यूट्यूबर बनकर रह रहा था। फिल्म बनने से पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

Salim Khan alias Salim Vastik : खत्म हुआ ‘बहरूपिये’ कातिल का खेल! मार्शल आर्ट्स टीचर से मर्डरर और फिर यूट्यूबर बनने की खौफनाक दास्तां, एक पुरानी फाइल ने खोल दी पोल

Salim Khan alias Salim Vastik / Image Source " x

Modified Date: April 27, 2026 / 06:40 pm IST
Published Date: April 27, 2026 6:21 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 13 साल के बच्चे के अपहरण और हत्या का 26 साल पुराना मामला
  • आरोपी ने पहचान बदलकर यूट्यूबर के रूप में नई जिंदगी शुरू की
  • फिल्म बनने से पहले दिल्ली पुलिस ने आरोपी को दबोचा

नई दिल्ली : Salim Khan alias Salim Vastik  साल 1995 में दिल्ली के एक 13 साल के मासूम बच्चे, संदीप बंसल का अपहरण और हत्या कर दी गई थी। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाला कोई अजनबी नहीं, बल्कि बच्चे का ही मार्शल आर्ट्स टीचर सलीम खान था। 26 सालों तक यह अपराधी पुलिस की आंखों में धूल झोंकता रहा, अपनी पहचान बदलता रहा और अंत में एक मशहूर यूट्यूबर बनकर समाज के बीच रहने लगा लेकिन अब आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

30 साल पहले शुरू हुई थी वारदात

वारदात की शुरुआत 20 जनवरी 1995 को हुई थी, जब सलीम ने अपने साथी अनिल के साथ मिलकर महज 30 हजार रुपये की फिरौती के लिए संदीप का अपहरण किया और फिर उसकी हत्या कर नाले में फेंक दिया। Delhi 1995 Murder Case 1997 में उसे उम्रकैद हुई, लेकिन साल 2000 में पैरोल पर बाहर आते ही वह फरार हो गया। खुद को पुलिस की फाइलों में मृत घोषित करवाकर उसने सलीम वास्तिक के नाम से नई जिंदगी शुरू की। वह गाजियाबाद के लोनी में रहने लगा और यूट्यूब पर ‘सलीम वास्तिक 0007’ के नाम से मशहूर हो गया।

Sandeep Bansal Murder Case फिल्म प्रोड्यूसर उसकी ज़िन्दगी पर बनाने वाले थे फिल्म

हैरानी की बात यह है कि वह सोशल मीडिया पर विवादित वीडियो बनाता था और खुद को एक सामाजिक कार्यकर्ता बताता था। उसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ गई थी कि एक फिल्म प्रोड्यूसर उसकी जिंदगी पर फिल्म बनाने वाला था और उसे 15 लाख रुपये एडवांस भी दिए जा चुके थे। फरवरी 2026 में उस पर लोनी में जानलेवा हमला भी हुआ, जिसमें वह 14 बार चाकू लगने के बाद भी बच गया। इसी चर्चा ने उसे पुलिस की रडार पर ला दिया। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जब उसके फिंगरप्रिंट और पुराने रिकॉर्ड्स का मिलान किया, तो उसकी असलियत सामने आ गई।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

पुलिस ने शातिर कातिल सलीम को गिरफ्तार कर लिया है। अब उस पर फर्जी दस्तावेज बनाने और पहचान छिपाने के नए मामले भी दर्ज किए जा रहे हैं। एक अपराधी जो अपनी काली करतूतों पर फिल्म बनवाकर खुद को हीरो साबित करने की कोशिश कर रहा था, आज वह फिर से सलाखों के पीछे है।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..