दिल्ली: सर्दियों में निर्माण कार्यों पर होगी रोक, दफ्तरों के समय में बदलाव, पीयूसी नियम होंगे कड़े

दिल्ली: सर्दियों में निर्माण कार्यों पर होगी रोक, दफ्तरों के समय में बदलाव, पीयूसी नियम होंगे कड़े

दिल्ली: सर्दियों में निर्माण कार्यों पर होगी रोक, दफ्तरों के समय में बदलाव, पीयूसी नियम होंगे कड़े
Modified Date: September 28, 2026 / 05:03 pm IST
Published Date: September 28, 2026 5:03 pm IST

नयी दिल्ली, 28 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने निर्माण गतिविधियों पर रोक, वाहनों और निजी परिवहन पर प्रतिबंध, वाहनों में ईंधन लेने के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) अनिवार्य करने तथा दफ्तरों में कामकाज के समय में बदलाव करने का निर्णय लिया है।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को घोषणा की कि धूल उत्सर्जित करने वाले तोड़फोड़ कार्य और खुले में होने वाले आम निर्माण कार्यों पर एक नवंबर से 31 जनवरी तक रोक रहेगी। वहीं, 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक सभी प्रकार के निर्माण और तोड़फोड़ के कार्यों पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू रहेगा।

पर्यावरण मंत्री ने बताया कि एक नवंबर से पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा। इसके अलावा, सरकारी व निजी दफ्तरों के लिए अलग-अलग समय/पाली निर्धारित की जाएगी और 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए घर से काम का नियम लागू किया जाएगा।

सिरसा ने कहा कि दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-छह मानकों से नीचे वाली श्रेणी के वाहनों के शहर में प्रवेश पर एक नवंबर से पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) से कोई अतिरिक्त पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाएगा।

इन उपायों की घोषणा केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में हुई ‘कार्रवाई-आधारित योजना’ बैठक के बाद की गई। इस बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री प्रवेश वर्मा और पर्यावरण मंत्री सिरसा शामिल हुए।

सिरसा ने बताया कि ‘पीयूसी नहीं तो ईंधन नहीं’ नियम को युद्ध स्तर पर लागू किया जाएगा। अपने उपयोग की मियाद पूरी कर चुके (अयोग्य) वाहनों के खिलाफ कठोर अभियान चलाया जाएगा और इसके लिए दिल्ली के सभी 500 पेट्रोल पंपों को स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) कैमरों से लैस किया गया है।

पर्यावरण मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘दिल्लीवासियों को साफ हवा और स्वस्थ वातावरण देना हमारी जिम्मेदारी है, और यह जिम्मेदारी केवल किसी एक मौसम तक सीमित नहीं है। दिल्ली सरकार प्रदूषण नियंत्रण के लिए साल के 365 दिन, 24 घंटे तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से लगातार काम कर रही है।’

उन्होंने कहा कि अक्टूबर में जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जबकि नवंबर में पीयूसी केंद्रों को अद्यतन व आधुनिक बनाया जाएगा।

सिरसा ने कहा कि एएनपीआर कैमरों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उनकी दोबारा जांच की जाएगी। वहीं, तीन स्वचालित जांच केंद्रों के जरिए करीब 2.5 लाख वाहनों की ‘फिटनेस जांच’ होगा। उन्होंने बताया कि एक अन्य फिटनेस केंद्र भी जल्द शुरू कर दिया जाएगा।

मंत्री के अनुसार, दिल्ली में वर्तमान में 5,088 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए 150 और बसें जोड़ी जाएंगी।

सरकार प्रदूषण और यातायात जाम वाले संवेदनशील इलाकों (हॉटस्पॉट) पर भी काम कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव सहित मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जन प्रतिनिधि इन इलाकों का दौरा करेंगे।

पर्यावरण मंत्री ने बताया कि जिलाधिकारियों के साथ बैठकों के माध्यम से सर्वाधिक प्रदूषण वाले स्थानों (हॉटस्पॉट) के तीन किलोमीटर के दायरे में आने वाली गतिविधियों – जैसे श्मशान घाट, कूड़ा फेंकने के स्थान और सीमेंट ढुलाई वाले स्थानों – की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले चिह्नित किए गए 62 हॉटस्पॉट में से 42 को अब तक नियंत्रित कर लिया गया है।

सरकार ने वर्ष 2026 में 3,065 किलोमीटर सड़कों के पुनर्विकास का लक्ष्य रखा था, जिसमें से 20 सितंबर तक 1,193 किलोमीटर काम पूरा हो चुका है। शेष 1,872 किलोमीटर का काम भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

धूल हटाने के लिए सरकार ने हर 15 दिन में सड़कों की गहन सफाई शुरू की है। कचरा जलाने से रोकने के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं। वर्तमान में 98 सड़क सफाई मशीनें काम कर रही हैं और बाकी के लिए कार्यादेश जारी कर दिए गए हैं।

‘जीरो-बर्निंग’ (धुआं-मुक्त) पहल के तहत, सर्दियों में ठंड से बचने के लिए लोगों को लकड़ी, कोयला या कचरा जलाने से रोकने के उद्देश्य से हीटर वाले अस्थायी ‘हीटिंग सेंटर’ बनाए जाएंगे। इसके अलावा, सड़कों पर गाड़ियां और धुआं कम करने के लिए सरकार लोगों को कारपूलिंग (एक ही गाड़ी से मिलकर सफर करने) के लिए भी प्रोत्साहित करेगी।

भाषा सुमित माधव

माधव


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