दिल्ली: अदालत ने रोहिणी अदालत परिसर गोलीबारी मामले में किशोर को हत्या का दोषी करार दिया

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दिल्ली: अदालत ने रोहिणी अदालत परिसर गोलीबारी मामले में किशोर को हत्या का दोषी करार दिया

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  • Publish Date - January 28, 2026 / 06:44 PM IST,
    Updated On - January 28, 2026 / 06:44 PM IST

नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने 2017 में यहां के रोहिणी अदालत परिसर के नजदीक 38 वर्षीय एक विचाराधीन कैदी की गोली मारकर हत्या करने के मामले में बुधवार को एक किशोर को दोषी करार दिया।

अदालत ने कहा कि आरोपी के खिलाफ मामला संदेह से परे साबित हुआ है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित सहरावत की अदालत किशोर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) और शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत दाखिल आरोप पत्र पर सुनवाई कर रही थी।

विशेष लोक अभियोजक आदित्य कुमार ने बताया कि हरियाणा की जेल में बंद राजेश उर्फ ​​काला को 29 अप्रैल, 2017 को रोहिणी जिला अदालत लाया जा रहा था, तभी अदालत परिसर के बाहर किशोर ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि नाबालिग को मौके पर ही पकड़ लिया गया।

अदालत ने अपने 41 पृष्ठों के आदेश में कहा कि घटना के चश्मदीद तीन पुलिस अधिकारियों ने अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन किया था और उनकी गवाही के अनुसार, नाबालिग को देसी पिस्तौल के साथ पकड़ा गया था।

फैसले में कहा गया कि फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की रिपोर्ट में अभियोजन पक्ष के दावे की पुष्टि हुई क्योंकि रिपोर्ट में प्रमाणित किया गया घटनास्थल से बरामद गोली (जो पीड़ित को लगी थी) जब्त देसी पिस्तौल से दागी गई थी।

अदालत ने कहा कि गवाहों की गवाही और एफएसएल रिपोर्ट ने किशोर के खिलाफ मामले को बिना किसी संदेह के साबित कर दिया है।

न्यायाधीश ने नाबालिग को शस्त्र अधिनियम के तहत प्रतिबंधित हथियार या गोला-बारूद रखने और इस्तेमाल करने का दोषी पाया। अदालत उसकी सजा को लेकर बाद में दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगी।

भाषा धीरज अविनाश

अविनाश